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हिमाचल कैबिनेट: जल रक्षकों का मानदेय बढ़ा, भरे जाएंगे 36 पद, छठे वित्त आयोग के गठन को मंजूरी

Thu, 04 Jun 2020 10:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में हुई कैबिनेट बैठक में छठे राज्य वित्तायोग के गठन को मंजूरी दी गई। जल शक्ति विभाग में जल रक्षकों, पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि का फैसला लिया गया है। जल रक्षकों को अब 3300 रुपये, पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटरों को 4300 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा। इसके अलावा राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वा भूमि पाने वाले आवासहीन व्यक्तियों और परिवारों की मौजूदा प्रतिवर्ष आय की पात्रता 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दी है। 

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छठा वित्तायोग पंचायतों और स्थानीय शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। आयोग राज्य के संचित कोष से पंचायतों और शहरी निकायों के कर निर्धारण, डयूटी, टोल और शुल्क ग्रांट इन एड देने के साथ-साथ अन्य सभी मामले जिनमें पंचायत और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, इसके बारे में राज्यपाल को सिफारिश करेगा।

मंत्रिमंडल ने वर्ष 2020-21 के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर आधारित अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण को मंजूरी दी। इससे 2,56,514 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। राज्य आपदा शमन कोष गठित करने तथा आपदा शमन व्यय पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा 2011 के नियमों के तहत वित्त प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी। 

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ढाई मंजिल से अधिक भवन बनाने पर चर्चा करने को कैबिनेट बैठक में बुलाए एडवोकेट जनरल 

शिमला में ढाई से अधिक मंजिल बनाए जाने के मामले में वीरवार को कैबिनेट में विस्तृत चर्चा हुई। अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की अपील पेंडिंग चल रही है। ऐसे में स्थिति स्पष्ट करने को कैबिनेट बैठक में एडवोकेट जनरल, प्रधान सचिव विधि को बुलाया गया। बैठक में मामले पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि यह मामला पहले एनजीटी में था।

यहां से शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिल तक भवन बनाने के निर्देश दिए। सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। तब से यह मामला पेंडिंग है। कैबिनेट में चर्चा हुई कि मामले को हाईकोर्ट में जाने या डेवलपमेंट प्लान बनाने या फिर सुप्रीम कोर्ट में ही इस मामले को जोरदार तरीके से उठाए जाने पर चर्चा की गई। अब एडवोकेट जनरल की ओर से इस मामले में राय दी जानी है। 

अतिक्रमण, फॉरेस्ट लेंड के स्टेटस को लेकर कमेटी गठित 
सरकार ने प्रदेश में अतिक्रमण, फॉरेस्ट लैंड का स्टेटस जानने को कमेटी गठित की है। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह इसके अध्यक्ष होंगे। रामलाल मारकंडा और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर सदस्य होंगे। जिन लोगों ने भवन निर्माण संबंधित व अन्य तरह का कब्जा किया है। इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे।

2.56 लाख स्कूली बच्चों को निशुल्क बैग देगी सरकार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों की चार कक्षाओं पहली, तीसरी, छठी और नौवीं के 2.56 लाख विद्यार्थियों को निशुल्क  स्कूल बैग देने को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। गुरुवार को कैबिनेट ने सिविल सप्लाई कारपोरेशन को बैग की खरीद के लिए ई टेंडर करने को मंजूरी दी। साल 2020-21 के दौरान इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क बैग दिए जाएंगे। बीते साल भी सरकार ने इन चार कक्षाओं के विद्यार्थियों को बैग आवंटित किए थे।

बैग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की फोटो लगाने और कुछ जिलों में बैग के फट जाने को लेकर कांग्रेस ने खूब हल्ला किया था। अब इस साल किस तरह के बैग दिए जाएंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि 2,56,514 बच्चों को यह बैग दिए जाएंगे। बच्चों की किताबों के हिसाब से बैग का वर्गीकरण किया जाएगा। पहली और तीसरी के लिए अलग साइज और छठी व नवीं के लिए अलग साइज के बैग दिए जाएंगे।
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राजस्व सचिव ने दी लॉकडाउन में किए कार्यों पर प्रस्तुति

कैबिनेट बैठक के दौरान राजस्व सचिव ओंकार शर्मा ने कोविड फंड में जमा हुई धनराशि के बाबत सरकार को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड फंड और डिजास्टर फंड में अभी तक कितना पैसा जमा हुआ। इस धनराशि को कहां-कहां खर्च किया गया। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में आए लोगों और यहां से बाहर गए लोगों के बारे में भी अवगत कराया गया। आपदा प्रबंधन के तहत किए कार्यों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।

आपदा जोखिम प्रबंधन कोष का 20 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल होगा 
राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन कोष का 20 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल होगा, जो वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 90.80 करोड़ रुपये होगा। 50 करोड़ भूकंप और भूस्खलन जोखिमों के लिए राज्य आपदा शमन कोष से अनुमोदित की। 

चार पद सृजित करने को स्वीकृति
मंडी जिला के थुनाग में रेशम बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने तथा इसके संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पद भरने की स्वीकृति दी। 

 सुलह में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान खोलने को स्वीकृति 
कांगड़ा के सुलह विधानसभा क्षेत्र में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान खोलने तथा इस संस्थान के प्रबंधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 29 पद भरने की मंजूरी दी। मंडी जिला के नागरिक अस्पताल टिहरा में विभिन्न श्रेणी के तीन पद भरने की मंजूरी दी।
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