सभी सरकारी स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग से स्कूल गेट पर तापमान जांचा गया। फेस मास्क पहनने वालों को ही परिसर में प्रवेश दिया गया। 15 नवंबर से पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूलों के दरवाजे खुल जाएंगे।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 21 माह बाद बुधवार को तीसरी से सातवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। बुधवार को तीसरी से पांचवीं कक्षा तक 50 फीसदी और छठी से 12वीं कक्षा तक 61 फीसदी विद्यार्थियों ने स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करवाई। नियमित कक्षाएं शुरू होते ही स्कूलों में रौनक लौट आई है। बुधवार को कहीं तिलक लगाकर तो कहीं फूल बरसा कर विद्यार्थियों का स्कूलों में स्वागत किया गया।
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सभी सरकारी स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग से स्कूल गेट पर तापमान जांचा गया। फेस मास्क पहनने वालों को ही परिसर में प्रवेश दिया गया। 15 नवंबर से पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूलों के दरवाजे खुल जाएंगे। कांगड़ा के चढियार के सलेहरा में स्कूल पहुंचने पर बच्चों पर फूल बरसाए गए। बिलासपुर जिला में ठंड के कारण बच्चों को कमरे के बाहर धूप में बैठाकर पढ़ाया गया।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक डॉ. पंकज ललित ने बताया कि तीसरी से पांचवीं कक्षा में विभिन्न जिलों में 40 से 58 फीसदी के बीच विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंचे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में स्कूल आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि छठी कक्षा में 29 से 75 फीसदी, सातवीं में 28 से 76 फीसदी तक विद्यार्थी स्कूलों में आए।