मनाली-लेह हाईवे बहाल होते ही लेह के लिए रवाना होते सेना के वाहन।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन 41 घंटों के बाद यातायात के लिए बहाल हो गया है। नेहरूकुंड के पास भारी भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध हो गया था। इससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। मार्ग बंद होने से यहां सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंस गए थे। पेट्रोल-डीजल के टैंकरों समेत सब्जी से लदे वाहन भी मार्ग बहाल होने का इंतजार कर रहे थे। बीआरओ की टीम ने वीरवार रात को मनाली-लेह मार्ग की बहाली का कार्य जारी रखा।
हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बड़ी-बड़ी चट्टानों को ब्लास्टिंग की मदद से तोड़ा गया। शुक्रवार दोपहर तक मनाली-लेह मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। सड़क बहाल होते ही सेना की कानवाई भी इस मार्ग से गुजरी। वीरवार को कुल्लू से लाहौल की ओर निगम की बसें भी नहीं जा पाई थीं। शुक्रवार को मार्ग होते ही एचआरटीसी की बस सेवा भी शुरू हो गई।
उधर, बीआरओ के कमांडर उमा शंकर ने कहा कि ब्लास्टिंग से चट्टानों को तोड़ा गया। एसपी लाहौल-स्पीति मानव वर्मा ने कहा कि नेहरूकुंड के पास अवरुद्ध हुए मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि बरसात के बीच पहाड़ों से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों से एहतियात बरतने की अपील की गई है।