सामान्य प्रशासनिक कार्य के लिहाज से उपायुक्त राजस्व विभाग को जवाब देह हैं। ऐसे में अब मामला ये फंस गया है कि जांच कमेटी में नए अफसर की नियुक्ति कार्मिक विभाग के निर्देश पर होगी या राजस्व विभाग उपायुक्त सोलन को इसके लिए आदेश देंगे।
लैंगिक उत्पीड़न के आरोपों में घिरे आईएएस अधिकारी अनुराग चंद्र की जांच शुरू होने से पहले ही अटक गई है। जांच के लिए गठित कमेटी ने प्रदेश के कार्मिक विभाग को पत्र लिखकर जांच के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए कहा है।
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कमेटी की दलील है कि चूंकि आरोपी अधिकारी उनसे पद में वरिष्ठ थे। ऐसे में किसी वरिष्ठ अधिकारी को ही जांच की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। कमेटी की चिट्ठी के बाद अब कार्मिक विभाग जांच के भविष्य पर फैसला लेगा। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के लिए जिस कमेटी का गठन हुआ है, उसे उपायुक्त सोलन ने गठित किया है।
सामान्य प्रशासनिक कार्य के लिहाज से उपायुक्त राजस्व विभाग को जवाब देह हैं। ऐसे में अब मामला ये फंस गया है कि जांच कमेटी में नए अफसर की नियुक्ति कार्मिक विभाग के निर्देश पर होगी या राजस्व विभाग उपायुक्त सोलन को इसके लिए आदेश देंगे।
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उल्लेखनीय है कि करीब एक महीने पहले पीड़िता ने ईमेल के जरिए कार्मिक विभाग को यौन उत्पीड़न की लिखित शिकायत भेजी थी। कार्मिक विभाग ने शिकायत को उपायुक्त सोलन को जांच के लिए भेज दिया था। फिलहाल उपायुक्त सोलन के निर्देश पर अतिरिक्त जिला न्यायवादी सोलन की अध्यक्षता में गठित कमेटी को कार्य स्थल पर महिला के लैंगिक उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।