कोर्ट ने प्रशासक को आदेश दिए हैं कि बीस जून तक स्टेटस रिपोर्ट दायर करे।
हिमाचल हाईकोर्ट ने परवाणू से चंबाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई गई अवैध इमारतों और अवैध कब्जों को चार सप्ताह के भीतर गिराने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जाधारियों के कारण राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील करने वाले प्रोजेक्ट में देरी नहीं की जा सकती।
कोर्ट ने कहा कि हाईवे प्र्रशासन को दोबारा से सड़क की निशानदेही करवाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने हाईवे प्रशासन को कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर मैप जो वर्ष 2006 में स्वीकृत हो गया हैं, उसकी निशानदेही के मुताबिक अवैध इमारतों का चयन करे और उन्हें मौके से हटाया जाए।
कोर्ट ने सोलन जिला प्रशासन को आदेश दिए कि पुलिस सहायता सहित हर संभव मदद प्रदान करे ताकि अवैध कब्जे हटाए जा सकें। कोर्ट ने अपने आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए हाईवे प्रशासन के प्रशासक को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार ठहराया है। कोर्ट ने प्रशासक को आदेश दिए हैं कि बीस जून तक स्टेटस रिपोर्ट दायर करे, जिसमें अवैध निर्माण को हटाने की विस्तृत जानकारी दी गई हो।