सहकारी बैंक के जीएम आरपी नैंटा ने बताया कि यह मामले छह से 12 फीसदी तक के साधारण ब्याज पर निपटाए जाएंगे। इनमें चक्रवृद्धि ब्याज नहीं लगेगा। जिन ऋणियों ने 100 फीसदी सिक्योरिटी दी है। यानी 100 फीसदी मूल्य की जमीन या अन्य संपत्ति बैंक के पास गिरवी रखी है, उनसे कर्ज लेने की अवधि से लेकर तय तिथि तक 12 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।
जिन्होंने 50 फीसदी तक सिक्योरिटी दी है, उनसे 10 प्रतिशत, 25 फीसदी तक वालों से आठ प्रतिशत और 25 फीसदी से कम तक की सिक्योरिटी पर छह प्रतिशत साधारण ब्याज की राहत देने का प्रावधान है। लोक अदालत में अगर तत्काल सारा भुगतान किया गया तो 10 फीसदी और छूट मिलेगी। लोक अदालत में जज को भी 50 हजार तक और छूट देने की शक्ति होगी। साधारण ब्याज के साथ कुल वसूल की जाने वाली राशि में इससे पूर्व हुआ हर भुगतान भी घटा दिया जाएगा।