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सजा रह गया मंडप, पुलिस ने रुकवाई शादी, खाली हाथ लौटी बारात

Sun, 26 Nov 2017 01:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कालाअंब (सिरमौर)
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हिमाचल में शनिवार को बाल विवाह के दो मामलों में ऐन मौके कार्रवाई करते हुए बारातों को बैरंग लौटा दिया गया। चंबा के चुवाड़ी से ऊना दूल्हे संग जा रही बारात को जिला बाल संरक्षण इकाई की मदद से रोक दिया गया।
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वहीं सिरमौर जिले में नाहन के सलानी गांव में शादी के मंडप पर पहुंच कर चाइल्ड लाइन संस्था के साथ आई संयुक्त टीम ने आयोजन रद्द करवा दिया।

यहां पर बारात हरियाणा से आनी थी। दोनों ही मामलों में पुलिस के सहयोग से संबंधित संस्थाओं ने जांच में वधू बनाई गई लड़की की उम्र को विवाह के लिए निर्धारित आयु से कम पाया।

परिजनों ने भरी हामी, बोले- करेंगे इंतजार
जिला चंबा के चुवाड़ी से ऊना के अंब में नाबालिग लड़की को ब्याहने जा रही बारात को जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा ने बीच रास्ते पर रोक लौटा दिया। जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा को सूचना मिली थी कि शनिवार को जिला चंबा के चुवाड़ी से एक युवक ऊना के अंब गांव में नाबालिग लड़की से शादी करने के लिए बारात लेकर जा रहा है।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऊना ने इसकी सूचना चंबा बाल संरक्षण कार्यालय में दी। जिसके बाद टीम ने बारात को आगे बढ़ने से रोक दिया। जिला बाल संरक्षण इकाई अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, सीडीपीओ चुवाड़ी और पैराडाइज केंद्र प्रभारी चुवाड़ी के सहयोग से बारात लौटाई गई।

उधर, अंब में भी जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऊना की अगुवाई में टीम नाबालिग लड़की के घर पहुंच गई। वहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। चुवाड़ी में टीम ने जाकर दूल्हे सहित परिजनों को अवगत करवाया कि 18 साल की आयु पूरी न करने वाली लड़की को ब्याहने जाना अपराध है। समझाने के बाद परिजनों ने भी हामी भरते हुए कहा कि वे शादी के लिए लड़की की उम्र अठारह वर्ष होने तक इंतजार करेंगे। मौके पर मौजूद एसएचओ चुवाड़ी ने दूल्हे से यह लिखित में लिया। 

जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि सूचना ऊना जिला के बाल संरक्षण कार्यालय से मिलते ही टीम ने चुवाड़ी पहुंचकर बारात को लौटा दिया। वहीं दूसरी तरफ ऊना में भी जिला बाल संरक्षण की टीम ने लड़की के अभिभावकों को जागरूक किया और 18 साल से पहले शादी न करवाने की बात कही।

व्हॉट्सऐप से शुरु हुआ प्रेम प्रसंग
बताया जा रहा है कि व्हॉट्स ऐप के माध्यम से प्रेम प्रसंग हुुआ था। इसके बाद व्हॉट्स ऐप में चैटिंग के बाद रिश्ते की बात चली थी। इसके बाद अब शादी हो रही थी। लेकिन यहां लड़की की आयु 18 वर्ष से कम पाई गई।
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ऐन मौके पर रुकवाई नाबालिग की शादी

कालाअंब (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र के सलानी गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी को चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति और पुलिस टीम ने ऐन मौके पर रुकवा दिया। बारात हरियाणा के लीठाली गांव से आनी थी। मंडप सज चुका था। बारात का इंतजार किया ही जा रहा था कि इसी बीच पुलिस के साथ पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम ने शादी को रुकवा दिया।

लड़की की उम्र सोलह वर्ष की बताई जा रही है। शादी रुकने के बाद लड़की की मां और दादी ने गरीबी का हवाला देकर लड़की के भरण पोषण में असमर्थता जता दी। लड़की को अब शेल्टर होम ले जाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। चाइल्ड लाइन की को-ऑडिनेटर तारा वर्मा व विनीता ठाकुर ने बताया कि उन्हें शुक्रवार रात को करीब 8 बजे फोन पर सूचना मिली कि सलानी गांव में एक नाबालिग की शादी की जा रही है।

शनिवार सुबह 10 बजे हरियाणा के लीठाली गांव से बारात गांव में पहुंचेगी। जिसके बाद उन्होंने यह जानकारी जिला बाल कल्याण समिति को उपलब्ध करवा दी। जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष विजयश्री गौतम ने बताया कि उन्हें सलानी गांव में नाबालिग की शादी होने की सूचना चाइल्ड लाइन से मिली थी।

जिसके बाद चाइल्ड लाइन की को-ऑर्डिनेटर तारा वर्मा, सदस्य विनिता ठाकुर, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष विजय श्री गौतम, डीसीपीओ के अधीक्षक बीके शर्मा, काउंसलर प्रवीण अख्तर, जिला कार्यक्रम अधिकारी इरा तनवर, सीडीपीओ सुनील शर्मा शनिवार  सुबह 8 बजे गांव में पहुंचे तथा कालाअंब पुलिस की सहायता से इस शादी को रुकवा दिया।

चाइल्ड लाइन की को-ऑडिनेटर तारा वर्मा ने बताया कि जब मौके पर छानबीन की गई तो लड़की की आयु कागजों में 16 वर्ष 2 महीने निकली है। शादी रुक जाने के बाद लड़की की मां व दादी ने गरीबी का हवाला देकर लड़की के पालन पोषण में असमर्थता जताई है। जिसके चलते लड़की को शेल्टर होम ले लाने की प्रक्रिया जारी है। उधर, बताया जा रहा है कि इस घटना की सूचना लड़की पक्ष की ओर से दूल्हे पक्ष को फोन पर ही दे दी गई।

जिसके कारण गांव में बारात नहीं पहुंची। अलबत्ता दूल्हे पक्ष की ओर से कुछ लोग अवश्य दोपहर में शादी के मंडप में पहुंचे। उन्होंने लड़की के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद शादी करने की बात कही गई। कालाअंब थाने के कार्यकारी एसएचओ रामलाल ने बताया कि चाइल्ड लाइन की मांग पर सुरक्षा के मद्देनजर सलानी गांव में उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी गई थी।
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