कर्मचारियों की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक में हुई नए वेतनमान की घोषणा पर प्रदेश कैबिनेट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। तय किया गया है कि करीब दो लाख कर्मचारियों का वेतन अधिकतम 15 फीसदी तक बढ़ाया जाएगा। यह लाभ एक जनवरी 2016 से दिया जाएगा। संशोधित वेतन जनवरी 2022 से मिलेगा, जो कर्मचारियों के खातों में फरवरी में आएगा। हालांकि, कैबिनेट अभी यह तय नहीं कर पाई है कि कर्मचारियों का एरियर कितनी किस्तों में और कब देना है। सोमवार को प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों पर फैसला छोड़ा गया कि वे किस फार्मूले के तहत लाभ लेना चाहते हैं। कैबिनेट ने इसके लिए दो विकल्प दिए हैं। पहला विकल्प बेसिक सैलरी में 2.59 और दूसरा 2.25 गुना बढ़ोतरी का है। इनके साथ अलग-अलग तरह के भत्ते और अन्य लाभ दिए जाएंगे। इससे विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में 3 से 25 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। यह वृद्धि कुल वेतन में अधिकतम 15 फीसदी जबकि औसत 11 फीसदी के आसपास होगी। नए वेतनमान का निर्धारण करने के लिए जल्दी ही रूल्स बनाए जाएंगे, जिसमें पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
नए वेतनमान से राज्य के राजकोष पर प्रतिवर्ष चार हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पडे़गा। एक जनवरी 2016 से लेकर अब तक लगभग 12000 करोड़ रुपये का एरियर देय होगा। बैठक में तय हुआ कि अंतरिम राहत (आईआर) के रूप में दिए गए 5000 करोड़ रुपये एरियर से घटा दिए जाएंगे। यानी नए वेतनमान के लागू होने के बाद इतना एरियर दे दिया गया है। अंतरिम राहत नए वेतनमान के लागू न होने की स्थिति में फौरी राहत के रूप मेें दी जाती है। वर्तमान में 21 फीसदी आईआर दिया जा रहा है। वेतन वृद्धि में आईआर से हुई बढ़ोतरी एडजस्ट होगी। इससे वास्तविक वेतन वृद्धि कम होगी।
पंजाब सरकार ने संशोधित वेतन देने के तीन फार्मूले तय किए थे। ये बेसिक वेतन में 2.59 या 2.25 फीसदी बढ़ोतरी करने के अलावा बेसिक वेतन में 15 फीसदी की वृद्धि करना था। मगर 15 फीसदी बढ़ोतरी वाले फार्मूले का वहां कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया था। ऐसे में जयराम सरकार ने तीसरे फार्मूले को लागू करने का जोखिम नहीं लिया है।
संशोधित वेतनमान के बाद एक लाख पांच हजार एनपीएस कर्मचारियों के उच्च वेतन निर्धारण के चलते प्रदेश सरकार की ओर से न्यू पेंशन स्कीम के अंतर्गत छह वर्ष के अंशदान के रूप में 260 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।