उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास अपनी इमारतें मौजूद हैं तो किराये पर दफ्तर चलाना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह राजकोषीय अनुशासन के भी खिलाफ है। सब कमेटी के समक्ष पेश आंकड़ों के अनुसार कई जिलों और उपमंडलों में विभागों के पास अपने भवन उपलब्ध हैं, लेकिन वे या तो अनुपयोगी पड़े हैं या फिर रखरखाव के अभाव में इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे। दूसरी ओर वही विभाग निजी भवनों में भारी किराया देकर काम कर रहे हैं। इससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
खाली भवनों की विभागवार सूची तैयार करने के लिए कहा
मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाली पड़े सरकारी भवनों की विभागवार सूची तैयार की जाए और किराये पर चल रहे दफ्तरों को चरणबद्ध तरीके से इन भवनों में स्थानांतरित करने के लिए समयबद्ध कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जहां भवनों की मरम्मत या बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर बजट का प्रावधान किया जाए।
मंत्रियों ने अनावश्यक खर्चों में कटौती पर जोर दिया
बैठक में कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी और यादवेंद्र गोमा भी मौजूद रहे। सभी मंत्रियों ने एक स्वर में सरकारी संपत्तियों के बेहतर उपयोग और अनावश्यक खर्चों में कटौती पर जोर दिया। मंत्रियों का मानना है कि इस कदम से न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। कहा कि पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए थे।
आपदा से टूटी-फूटी 250 इमारतों की पहचान की किया जाएगा जीर्णोद्धार
राज्य में आपदा के दौरान निजी हेलिकॉप्टर किराये पर लेने के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। इस विषय को मुख्यमंत्री और प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत करने पर चर्चा की गई। एसडीआरएफ में रिक्त पदों को पुलिस बल से भरने पर भी सहमति बनी। प्रदेश में 250 इमारतों की पहचान की गई है, जिनका रेट्रोफिटिंग का कार्य किया जाएगा। नेगी ने कहा कि प्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाले बड़े संस्थान जैसे आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज, दस क्षेत्रीय अस्पताल और तीन जोनल अस्पतालों की मैपिंग की जानी चाहिए। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में मंगलवार मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तकनीकी शिक्षा एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी भी उपस्थित रहे। इस दौरान आपदा एवं पुनर्वास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में अवगत करवाया गया कि पंचायतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इस बैठक में अवगत करवाया गया कि सचिव पशुपालन रितेश चौहान की अध्यक्षता में 18 दिसंबर 2025 को राज्य स्तरीय बीमा समिति अधिसूचित की गई है। यह समिति व्यक्तिगत और सार्वजनिक संपत्ति के लिए बीमा विकल्पों की तलाश करेगी।