धर्मशाला में सात और आठ नवंबर को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए केंद्र सरकार ने पांच करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की है। अभी तक कुल 10 करोड़ की राशि जारी की गई है। हिमाचल सरकार को इस राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र देना होगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) की निदेशक श्रुति सिंह ने इस बाबत मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी को पत्र भेजा है। इन्वेस्टर मीट के लिए विभाग ने 5 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है।
इससे तय नियमों के अनुसार, लेआउट और इन्वेस्टर मीट की प्लानिंग, समारोह स्थल में ढांचा खड़ा करने, एक हजार मेहमानों के परिवहन, रहने-खाने की व्यवस्था और प्रमोशन के लिए लिखित सामग्री जुटाई जानी है। इस राशि को खर्च करने के लिए केंद्र सरकार ने शर्तें लागू की हैं। इनके दायरे में रहकर ही विभिन्न मदों पर राशि व्यय की जा सकती है। किसी भी मद में राशि व्यय करने को पारदर्शिता अपनानी होगी।
यह राशि खर्च करने के साथ सरकार की उपयोगिता प्रमाणपत्र भी केंद्र सरकार को उपलब्ध कराना होगा। सरकार इन्वेस्टर मीट के आयोजन के लिए जिस एजेंसी की सेवाएं ले रही है, उसके बैंक खाते का विस्तृत ब्योरा भी उपलब्ध करवाना होगा।