यात्रा पर निकले सैकड़ों गाडि़यों में लोग हड़सर में दोनों ओर फंस गए हैं। श्रद्धालुओं को तुन्नूहट्टी, लाहडू, बनीखेत, चंबा और भरमौर में रोक दिया गया है। वहीं, हड़सर की तरफ दस हजार के करीब यात्रा कर वापस लौट रहे श्रद्धालु, दो हजार के करीब छोटे चौपहिया एवं दोपहिया वाहनों के साथ फंस गए। इनको ठहराने और निकालने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
हड़सर में पुल बहने की सूचना मिलने के बाद सोमवार अल सुबह लोनिवि की मशीनरी, कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे और वैकल्पिक रास्ता बनाने में जुट गए हैं। अधिशासी अभियंता इंद्र ठाकुर उत्तम ने बताया कि सर्वप्रथम पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए मार्ग खोला जा रहा है। वाहनों के लिए मार्ग भी जल्द खोल दिया जाएगा। दोनों तरफ से जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
क्रेट वर्क का काम जारी है। एडीएम भरमौर पीपी सिंह मार्ग बहाल न होने तक यात्रा पर रोक लगाई गई है। कांगड़ा जिले में भूस्खलन से पालमपुर-कंडी सड़क यातायात के लिए बंद हो गई है। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। जिले में भूस्खलन से कई अन्य सड़कें भी बाधित हैं।
भारी बारिश से कांगड़ा जिले की मंद खड्ड भी उफान पर है। गांव के लोगों को जान जोखिम में डालकर खड्ड को पार करना पड़ रहा है। विशेषकर स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू जिले में भी बारिश का कहर जारी है। जिले के कई संपर्क मार्गो पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित है।
प्रदेश में मंगलवार को भी अनेक स्थानों में बारिश होने के आसार हैं। पहली सितंबर तक मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। सोमवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 33.0, बिलासपुर में 31.8, सुंदरनगर में 31.4, हमीरपुर में 31.5, कांगड़ा में 30.8, भुंतर-चंबा में 30.4, सोलन में 29.6, नाहन में 29.1, धर्मशाला में 28.6, शिमला में 23.5 और केलांग में 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उधर, रविवार रात को शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में झमाझम बादल बरसे।
क्षेत्र बारिश (मिलीमीटर में)
बैजनाथ 102
जोगिंद्रनगर 66
पालमपुर 61
भरमौर 45
धर्मशाला 41
रामपुर 21