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अंधड़-ओलावृष्टि ने ढाया कहर: हिमाचल के रामपुर और सिरमौर में करोड़ों की नकदी फसलें तबाह

Tue, 17 May 2022 08:13 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर/राजगढ़ (सिरमौर)

सार

प्रदेश के सिरमौर जिले व शिमला जिले के रामपुर में उपमंडल अंधड़-ओलावृष्टि से फलों व सब्जियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रामपुर में पिछले दो दिनों से चल रहे अंधड़ ने बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। 
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सेब और प्लम की फसल तबाह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले व शिमला जिले के रामपुर में उपमंडल अंधड़-ओलावृष्टि से फलों व सब्जियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रामपुर में पिछले दो दिनों से चल रहे अंधड़ ने बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हालत यह है कि कई क्षेत्रों में सेब की 90 फीसदी फसल बरबाद हो चुकी है। सबसे अधिक नुकसान मौसम ने बाहली, तकलेच, भड़ावली और कलेडा मझेवटी क्षेत्र में ढहाया है। प्रभावित बागवानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है। मंगलवार को बाहली पंचायत उपप्रधान कमलेश शर्मा और प्रधान प्रवीना कुमारी की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सुरेंद्र मोहन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजकर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। बागवानों ने प्रदेश सरकार से बागवानों के केसीसी लोन माफ करने की गुहार लगाई है। कमलेश शर्मा ने कहा कि अंधड़ के कारण सेब की फसल को गिंछा गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां करीब 90 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। इसके अलावा पलजारा, बाहली, नेहरा और भमराड़ा में भी फसल तबाह हो गई है, जिससे बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है। गिंछा गांव के देविंद्र कुमार और राजेंद्र कुमार की फसल अंधड़ से पूरी तरह से बरबाद हो गई है। 

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उपप्रधान कलेडा मझेवटी राममूर्ति चौहान ने कहा कि कलेडा-मझेवटी में अंधड़ ने भारी तबाही मचाकर फसलों को बरबाद किया है। ब्यूंथल गांव में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। पहले ही बागवान सूखे और ओलावृष्टि की मार झेल रहे थे और अब अंधड़ के कहर ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, एसडीएम और विभाग से मांग की कि अंधड़ से हुए नुकसान का आकलन कर बागवानों को जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने सरकार से केसीसी के पांच लाख रुपये तक लोन माफ करने की गुहार भी लगाई है। इस मौके पर सुदामा शर्मा और मेला राम सहित अन्य मौजूद रहे। भड़ावली पंचायत में भी अंधड़ में बागवानों पर अपना कहर बरपाया है। पंचायत क्षेत्र की शलाटी घोड़ी में भी सेब और नाशपाति को भारी नुकसान पहुंचा है।  पंचायत के मसारना करेरी वार्ड सदस्य पृथ्वीराज की अध्यक्षता में प्रभावित एसडीएम रामपुर से मिले और मुआवजे की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि करीब दो से तीन घंटे तक चले अंधड़ ने क्षेत्र में सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। करेरी, रसेंदली, मसारना, कमलाऊ और छलावट में सेब और नाशपाति को नुकसान हुआ है। इस मौके पर फकीर ठाकुर, साध राम ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

ननखड़ी के बागवानों ने भी लगाई ऋण माफी की गुहार 
ननखड़ी की कलेडा-मझेवटी पंचायत के प्रीतम मेहता, विजय सिंह, हरनाम ठाकुर, सरोज ठाकुर, प्रताप, दलीप, दलीप, संजय कुमार और प्रकाश चंद सहित अन्य प्रभावितों ने सरकार से उचित मुआवजा और ऋण माफी की गुहार लगाई है।
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फलदार पौधों और सब्जियों पर टूटा भारी ओलावृष्टि का कहर
 उपमंडल में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों-बागवानों की फसलें तबाह कर दी हैं। सेब, आड़ू, प्लम, खुमानी और बादाम के अलावा किसानों की टमाटर, फ्रांसबीन, शिमला मिर्च, गोभी आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बीते सोमवार देर शाम ग्राम पंचायत बोहल टालिया, दाहन और भुईरा पंचायतों में भारी ओलावृष्टि हुई। इसके साथ-साथ थैना बसोतरी व शिलांजी पंचायतों में भी ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन क्षेत्रों में 80 फीसदी तक फसलों को नुकसान होने का अनुमान है। ओलावृष्टि, बारिश और भारी तूफान के बीच फल बुरी तरह झड़ गए। सब्जियों पर भी मौसम ने कहर बरपाया। समूचे क्षेत्र में बारिश के साथ आए तूफान से फसलों को नुकसान पहुंचा है।   

 सेवानिवृत्त उपनिदेशक उद्यान एसके कटोच, मदन सिंह और अनिल शर्मा ने बताया कि उनके गांव हलोनीपुल, सार, सयाना, दून देवरिया, कडीयुत, शलाना, कुलथ, खडेल, रोहडूघाटी, शिलांजी, कनोग और धंधड़ेल गांव में टमाटर, फ्रांसबीन, शिमला मिर्च, गोभी और फूल की फसलें और बागवानों की सेब, आड़ू, प्लम, खुमानी और बादाम की खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। उन्होंने बताया कि कई ओलों का आकार तो प्लम के आकार के बराबर था। किसानों व बागवानों ने प्रदेश सरकार से उनके नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।

 ग्रामीणों का कहना है कि फसलें नष्ट होने के कारण लोगों की आर्थिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे पूर्व भी राजगढ़ के समीपवर्ती कई पंचायतों में ओलावृष्टि होने से फसलें तबाह हो चुकीं हैं। अब बाकी क्षेत्रों में सोमवार को हुई बारिश तूफान और ओलावृष्टि से किसानों व बागवानों की लाखों की फसलों का नुकसान हो गया है। इस बारे में तहसीलदार कपिल तोमर ने क्षेत्र में हुए नुकसान की पुष्टि करते हुए कहाकि उन्होंने फील्ड स्टाफ को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। एक दो दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाएगी।

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