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शहर तक पहुंच गई जंगल की आग

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Forest fires reached residential areas - फोटो : SHIMLA CITY
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शिमला। राजधानी के जंगलों में बेकाबू हुई आग रविवार को शहर तक पहुंच गई। संकटमोचन, चक्कर कोर्ट परिसर और संजौली हेलीपोर्ट के पास आग की लपटें रिहायशी इलाके में पहुंच गई, जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई। गनीमत यह है कि किसी वाहन या भवन को नुकसान नहीं पहुंचा है।
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वन विभाग के अनुसार चक्कर के जंगल में शनिवार शाम भड़की आग पर रात 12:00 बजे काबू पा लिया गया था। लेकिन रविवार सुबह 4:00 बजे फिर यहां आग भड़क गई। वन विभाग, दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और सुबह 8:00 बजे तक इस पर काबू पा लिया। इसी बीच समरहिल से सूचना मिली कि जंगल की आग विवि छात्रावास तक पहुंच गई है। शिमला शहरी डीएफओ अनिता भारद्वाज की अगुवाई में टीमें मौके पर पहुंचीं और छात्रों की मदद से आग पर काबू पा लिया। वहीं, संकटमोचन के पास सुबह 11:40 बजे फिर आग भड़क गई। हाईवे के ऊपर की पहाड़ी पर लगी आग की लपटें यहां रिहायशी मकानों और होटलों को छूने लगीं। भवनों से सटा सारा क्षेत्र जलकर राख हो गया। लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर घरों की ओर बढ़ रही आग को बुझाया। संकटमोचन के पास एक ढारा भी आग की चपेट में आया। पहाड़ी से चीड़ के जलते हुए कोण और पत्थर हाईवे पर गिरने लगे। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को खतरा होता देख लोगों ने इनके मालिकों को फोन किया। आनन-फानन में इन्हें यहां से हटाया गया। उधर, जंगल की यह आग ऊपरी तरफ बने चक्कर कोर्ट परिसर तक पहुंच गई। कोर्ट परिसर को खतरा होता देख यहां से दमकल टीम को सूचना दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी की फुहारों से आग पर काबू पाया।
टीम लौटते ही फिर लगा दी आग, हाईवे से हटाईं गाड़ियां
संकटमोचन, चक्कर क्षेत्र से वन विभाग की टीमें आग बुझाकर लौटी ही थीं कि चंद मिनट बाद ही हाईवे के नीचे किसी ने आग लगा दी। आग लगा रहे व्यक्ति को कुछ लोगों ने देख लिया। इसकी शिकायत भी वन विभाग को दी है। हाईवे के नीचे भड़की इस आग की लपटें एनएच पर चल रहे वाहनों को छूने लगीं। संकटमोचन के पास कुछ देर के लिए यातायात भी वन-वे करना पड़ा।
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रेंज ऑफिसर की उंगलियां जलीं, चालक जख्मी
चक्कर के पास देर रात आग पर काबू पाने के काम में जुटे रेंज ऑफिसर लच्छीराम की हाथ की उंगलियां जल गईं। डीएफओ शहरी के चालक को गिरने के कारण चोटें लगी हैं।
पांच जंगलों में नहीं बुझ सकी आग
रविवार शाम तक शहर से सटे पांच जंगलों में आग नहीं बुझ पाई है। तारादेवी, संकटमोचन, भरयाल, भराड़ी के साथ लगते बड़श, संजौली के हेलीपोर्ट के साथ लगते जंगल अभी भी सुलग रहे हैं। तारादेवी के जंगल सात दिन से दहक रहे हैं। डीएफओ शिमला ग्रामीण कृष्ण कुमार ने बताया कि वन विभाग के साथ 24 होमगार्ड जवान, आईटीबीपी के 20 जवान और दमकल टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं।
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