घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट तक निशुल्क बिजली सप्लाई नए वित्त वर्ष में भी जारी रहेगी। नए उद्योग लगाने और इकाइयों का विस्तार करने वालों को ऊर्जा शुल्क में पहले की तरह ही आगामी तीन साल के लिए 15 फीसदी की छूट भी दी जाएगी। आयोग ने सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले फिक्स और डिमांड शुल्क में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा की। बिजली के हर वर्ग के उपभोक्ता कोे दी जाने वाली बिजली की दर में प्रति यूनिट एक रुपये की बढ़ोतरी की है। मध्यम और छोटे उद्योगों के लिए प्रति यूनिट बिजली की दरों को 75 पैसे बढ़ाया है। दरों में की गई बढ़ोतरी का प्रदेश के उपभोक्ता पर भार न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने इस बढ़ोतरी के पूरे अंतर को वहन करने की हामी आयोग के पास भरी है।
बीते दिनों हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं से मिलने वाली अपने कोटे की बिजली सप्लाई को बोर्ड को रियायती दरों पर देने का फैसला भी लिया है। बीते साल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का करंट लगा था। बिजली की दरों में 22 से 46 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई थी।
घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट से अधिक खपत पर 22 पैसे और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 46 पैसे की दर से बढ़ाया गया था। अब 1 अप्रैल 2024 से प्रदेश में यही पुरानी दरें 31 मार्च 2025 तक जारी रहेंगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से जारी नए टैरिफ के अनुसार राज्य बिजली बोर्ड को बिजली की सप्लाई की एक यूनिट 6.79 रुपये की दर से पड़ेगी। लोगों को सब्सिडी के बाद यह बिजली सस्ती दी जाएगी।
श्रेणी स्लैब बिजली दरें प्रति यूनिट रुपये में
घरेलू 0-125 शून्य
घरेलू 126-300 4.17
घरेलू 300 से अधिक 5.22
व्यावसायिक --------- 5.21-5.52
लघु उद्योग --------- 5.06-5.17
मध्यम उद्योग --------- 5.06
भारी उद्योग --------- 4.66-5.06
सिंचाई एवं पेयजल सप्लाई --------- 4.66-5.46
स्ट्रीट लाइट --------- 5.37
अस्थायी सप्लाई --------- 7.42