प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मई में मीटर रीडिंग के आधार पर बिल जारी होंगे। तीन मई के बाद बोर्ड कर्मियों को घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने के आदेश जारी हो गए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को मार्च और अप्रैल के बीते दिनों एसएमएस से जारी एवरेज बिल अब रीडिंग के आधार पर संशोधित किए जाएंगे। एवरेज बिल की कम-ज्यादा राशि को नए बिल में दुरुस्त किया जाएगा। प्रबंध निदेशक जेपी कालटा ने बताया कि कोरोना से बचाव को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए मीटर रीडिंग का काम बंद किया था।
मार्च और अप्रैल के बिजली बिल जमा करवाने में परेशानी झेल रहे उपभोक्ताओं के 31 मई तक कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। एक मई से बिजली बिलों पर सरचार्ज जुड़ना शुरू हो जाएगा। सरकार ने 30 अप्रैल तक बिना सरचार्ज बिल जमा करने की छूट दी है। कोविड-19 के चलते औद्योगिक, वाणिज्यिक, पर्यटन व कृषि सहित अन्य बिजली उपभोक्ताओं को रियायतें भी दी जा रही हैं। बिल ऑनलाइन जमा करवाने पर घरेलू उपभोक्ताओं को दस रुपये छूट दी जा रही है। कोरोना से बचाव को सभी कैश काउंटर बंद हैं।
उधर, अप्रैल की बिजली खपत को औद्योगिक, वाणिज्यिक और कृषि उपभोक्ताओं के बिल की अदायगी मई में की जाएगी। मई की खपत के लिए जून में बिल भेजा जाएगा। इसे 30 जून तक और जुलाई, अगस्त और सितंबर में तीन समान किस्तों में दिया जा सकेगा। अप्रैल की खपत के लिए मई में जारी किए जाने वाले बिलों को औद्योगिक, वाणिज्यिक और कृषि उपभोक्ताओं के लिए 31 मई या इससे पहले जमा करने पर एक प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये तक होगी।
उद्योगों, होटलों के फिक्स चार्ज माफ करने पर चल रहा विचार
उद्योगों और होटलों के बिजली बिलों में फिक्स चार्ज माफ करने का सरकार स्तर पर मंथन चल रहा है। मार्च और अप्रैल में उद्योग और होटल बंद रहने पर सरकार इन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह फैसला ले सकती है। बिजली के लोड़ के अनुसार फिक्स चार्ज लगता है।