कंपनी इन सभी दवाओं को बाहरी राज्यों में सप्लाई करने की फिराक में थी।
पशुओं की दवा बनाने वाली औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में स्थित नामी फार्मास्यूटिकल कंपनी में नकली दवाएं बनाने के चलते कंपनी को सील कर दिया गया है। साथ ही थाना कालाअंब के एसएचओ को इस बाबत कंपनी में पुलिस फोर्स तैनात किए जाने की मांग की गई है।
रविवार सुबह स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह के दिशा-निर्देशों पर ड्रग इंस्पेक्टर रजत कुमार एवं विभाग के अन्य अधिकारियों ने नकली दवाओं की खेप को जब्त कर कंपनी को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कंपनी के विभिन्न स्टोरों से भारी मात्रा में वेटरनरी वोलस (पशुओं की दवा) प्राइमरी पैकिंग मैटीरियल, इंजेक्शन तथा फ्राड लेबल बरामद किए गए।
कंपनी इन सभी दवाओं को बाहरी राज्यों में सप्लाई करने की फिराक में थी। तभी स्टेट ड्रग कंट्रोलर की टीम ने छापामारी कर नकली जखीरा कब्जे में ले लिया। विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर रजत कुमार ने बताया कि जब्त दवाओं में से कुछेक के सैंपल भरे हैं। इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा गया है। कंपनी को सील कर दिया गया है। उधर, पुलिस अधीक्षक सौम्या साम्बशिवन ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ये दवाएं की गईं काबू
स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह की टीम ने फार्मास्यूटिकल कंपनी कालाअंब के परिसर से 11 हजार के करीब वेटरनरी वोलस, 15 रोल प्राइमरी पैकिंग मैटीरियल, भारी मात्रा में टैबलेट कब्जे में लीं। टीम ने जब कंपनी के अधिकारियों से जरूरी कागजात और लाइसेंस मांगे तो वे इन्हें प्रस्तुत करने में नाकाम रहे। सितंबर 2013 में इसी परिसर से नकली दवाओं की बड़ी खेप बरामद की गई थी। तब भी प्रबंधन उचित दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहा था।