हिमाचल के ऊना शहर में एक पागल कुत्ते का आतंक बरकरार है। इस कुत्ते ने शहरवासियों के नाक में दम कर दिया है। तीन दिन में अब तक ये तीन दर्जन लोगों को काटकर घायल कर चुका है। लेकिन अभी तक कुत्ता पकड़ में नहीं है।
लोग दहशत में हैं और घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। कुत्ते के काटने के बाद लोग अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। हैरत की बात है कि पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए न ही नगर परिषद ने कोई संजीदगी दिखाई है और न ही प्रशासन ने।
इससे लोगों में रोष है। शुक्रवार सुबह भी गुरसर मोहल्ले में कन्या पूजन के लिए बैठने जा रही दो कन्याओं सहित छह लोगों पागल कुत्ते न काट कर जख्मी कर डाला। जिसके बाद उन्हें निजी चिकित्सता केंद्र में उपचार दिलाया गया।
लोगों का आरोप है कि आखिर शहरवासियों की सुरक्षा किसके हाथ है। हर कोई एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी थोप रहे हैं। हालत यह है कि लोग रात को डंडे लेकर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
पीड़ितों का मुफ्त हो इलाज: ममता
नगर परिषद अध्यक्ष ममता कश्यप ने कहा कि शहर में पागल कुत्ते के काटने के मामले आ रहे हैं। इस बारे में उन्होंने उपायुक्त ऊना से बात करनी चाही, लेकिन वह फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने एडीएम ऊना से आग्रह किया कि वह वन विभाग, पशु पालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं नगर परिषद की ऊना में बढ़ते कुत्तों के आतंक के मसले पर बैठक बुलाएं और लोगों को राहत दिलाई जाए।