तीन हजार से अधिक लोगों को मिलने हैं कनेक्शन
प्लांट से जुड़ेंगे पंथाघाटी, कसुम्पटी और मैहली क्षेत्र
पेयजल कंपनी बिछा चुकी है सीवरेज लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के पंथाघाटी, कसुम्पटी और मैहली समेत साथ लगते इलाकों के हजारों भवन मालिकों को सीवरेज कनेक्शन की सुविधा देने के प्रोजेक्ट पर संकट मंडरा गया है। इलाके में सीवरेज लाइनें बिछाने के बावजूद अभी लोगों को इस सुविधा के लिए इंतजार करना होगा।
प्रोजेक्ट के लिए अश्वनी खड्ड के दोगड़ा पुल के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना है, जिस का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों के विरोध के बाद पेयजल कंपनी की परेशानी भी बढ़ गई है। कंपनी ने 22 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए लोगों से बात की थी। इन्हें देश के आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण भी करवाया था। कंपनी का दावा है कि आधुनिक प्लांट लगने से इस क्षेत्र में पेयजल दूषित नहीं होगा, न ही बदबू फैलेगी। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने विरोध जता दिया है।
लोगों का कहना है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने से स्थानीय उठाऊ पेयजल योजना का पानी दूषित हो सकता है। प्लांट की प्रस्तावित जगह के पास ही स्थानीय देवी, देवता का मंदिर भी हैं जिससे लोगों की धार्मिक आस्थाएं भी आहत होंगी। पेयजल योजना से पुजारली, ढमेची, क्वालग-मझार, क्यार, सेरी, सिंयुठा, भाट सहित अन्य गांवों को पानी की सप्लाई होती है। स्थानीय लोगों ने कंपनी से प्रस्तावित स्थल को बदलने का आग्रह किया है। लोगों ने इस मामले पर अदालत जाने की भी चेतावनी दी है।
इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम क्षेत्र के तीन हजार से अधिक भवनमालिकों को सीवरेज के कनेक्शन मिलने हैं। इसके अलावा जिन पंचायती क्षेत्रों से यह लाइन गुजरेगी, उन्हें भी इससे जोड़ा जाएगा। दो साल से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। अब यह और लटक सकता है। पहले कांग्रेस भी इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रही थी। लेकिन कंपनी के साथ हुई बातचीत के बाद विरोध शांत हो गया। अब माकपा ने इस पर विरोध जताया है।
लोगों से फिर करेंगे बात : एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम गोपाल कृष्ण ने बताया कि स्थानीय लोगों के साथ इस प्लांट पर पहले भी बैठकें हो चुकी हैं। ज्यादातर लोग मान गए हैं, जो लोग अब विरोध कर रहे हैं, उनसे भी बातचीत कर और सहमति लेकर इस प्रोजेक्ट का काम पूरा किया जाएगा।