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एजीएम के आदेश मानने से सहायक अभियंता का इनकार

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पेयजल कंपनी के सहायक अभियंता बोल-एजीएम स्तर के अधिकारी के आदेश मान्य नहीं
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महापौर और पार्षद सब साथ होने का किया दावा
एजीएम बोले, तबादला नहीं किया है जिम्मेदारियां बदलीं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही कंपनी में अधिकारियों के बीच घमासान बढ़ गया है। यह मामला सोमवार को सचिवालय से लेकर शहरी विकास मंत्री तक के दरबार में पहुंच गया।
सहायक अभियंता ने पेयजल वितरण के मैनेजर पद से हटाए जाने के एजीएम के आदेशों को मानने से इंकार कर दिया है। सहायक अभियंता का कहना है कि एजीएम के पास उन्हें हटाने की शक्तियां नहीं हैं। एजीएम मनमाने तरीके से उन्हें पद से हटा रहे हैं जो उन्हें मान्य नहीं है। अभियंता महबूब शेख ने कहा कि एजीएम ने उन्हें जिस नए पद की जिम्मेदारी दी है, ऐसा कोई पद कंपनी में है ही नहीं। दावा किया कि उनकी मेयर और पार्षदों से बात हो गई है। सभी चाहते हैं कि वह पेयजल वितरण का जिम्मा संभालते रहे। ऐसे में वह एजीएम के आदेश नहीं मानेंगे और पहले की तरह काम जारी रखेंगे। इस बारे में शिकायत पत्र भी उन्होंने कंपनी प्रबंधन, स्वतंत्र निदेशक और मेयर को सौंप दिया है। उधर अधिकारियों के बीच छिड़े घमासान पर कंपनी के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने कहा कि एजीएम अपने अधीन काम कर रहे मैनेजर या सहायक अभियंताओं के काम में बदलाव कर सकते हैं, उन्हें नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। ऐसे में एजीएम ने जो आदेश किए हैं, उसमें कुछ गलत नहीं है। कहा कि यह आदेश जारी करने से पहले एजीएम ने उनसे चर्चा की थी। एजीएम हरमेश भाटिया ने कहा कि कंपनी ने किसी अधिकारी का तबादला नहीं किया है, सिर्फ जिम्मेदारियां बदली हैं।
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विवाद के बीच दूसरे एसडीओ ने
लिया चार्ज, गरमाई सियासत
विवाद के बीच छोटा शिमला जोन के सहायक अभियंता सुशील कुमार ने सोमवार को सेंट्रल जोन के मैनेजर पद का अतिरिक्त चार्ज संभाल लिया। उधर सहायक अभियंता को पद से हटाने के मामले में नगर निगम में भी सियासत गरमा गई है। भाजपा के कई पार्षद सहायक अभियंता के पक्ष में आ गए हैं। पार्षद राजेंद्र चौहान, किमी सूद, इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सहायक अभियंता पर फोन न सुनने जैसे आरोपों में दम नहीं है। उन्होंने जब भी फोन किया है तो अभियंता ने इसका जवाब दिया है। हालांकि भाजपा के ही मनोनीत पार्षद संजीव सूद ने कुछ दिन पहले अभियंता पर फोन न सुनने के आरोप लगाए थे।
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मेयर ने झाड़ा पल्ला, डिप्टी मेयर
बोले मंत्री से करेंगे शिकायत
नगर निगम महापौर सत्या कौंडल ने इस मामले से किनारा कर लिया। कहा कि यह कंपनी का आंतरिक मामला है। डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि सहायक अभियंता महबूब शेख को बेवजह परेशान किया जा रहा है। अभियंता जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हैं। एजीएम ने गलत आदेश दिए हैं। इस बारे में शहरी विकास मंत्री से भी बात करेंगे। कंपनी एक ओर मनमाने बिल थमा रही है तो दूसरी ओर काम करने वाले अफसरों को बदल रही है।
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