ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि प्रदेश में 3,615 ग्राम पंचायतों में से कुल 429 पंचायतें ऐसी हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। 324 ग्राम पंचायतों को नए पंचायत भवन निर्माण बाबत भूमि के राजस्व दस्तावेज सहित प्रस्तावना मिलने पर धनराशि जारी कर दी गई है। सरकार की ओर से पंचायत भवन बनाने के लिए 1.14 करोड़ रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी। कम से कम दस बिस्वा भूमि होने पर ही भवन निर्माण को पैसा जारी होगा। उन्होंने कहा कि देखा गया है कि पंचायतों में सबसे बेकार जगहों की ही अभी भवन बनाने के लिए चुना जाता रहा है। भविष्य में ऐसा नहीं होगा। उन्होंने जर्जर पंचायत भवनों की सूची भी बनाई जा रही है, इसके लिए अनसेफ प्रमाणपत्र देना अनिवार्य किया गया है।
भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि मनरेगा शेल्फ में सार्वजनिक कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। व्यक्तिगत कार्यों को अधिक धनराशि मिलने से अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान विधायक ने यह मामला उठाते हुए कार्यों के आवंटन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के चार-चार लोग बार-बार काम ले रहे हैं। सरकार को ऐसे मामलों में व्यवस्था बनानी चाहिए कि एक बार जिसे काम मिल गया है, उनकी जगह अगली बार अन्य लोगों को काम दिया जाए। जवाब में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भाई-भतीजावाद के आरोप गलत हैं। मनरेगा शेल्फ ग्राम पंचायत के माध्यम से आती है। पंचायतों को कहा गया है कि सार्वजनिक कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी इस बाबत जागरूक करने को कहा।
शानन पावर हाउस जोगिंद्रनगर लीज आधार पर पंजाब स्टेट पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड पंजाब सरकार के अधीन है। इसकी लीज मार्च 2024 में खत्म होने जा रही है। विधायक प्रकाश राणा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना को वापस लेने के लिए उच्च स्तर पर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के साथ पत्राचार किया जा रहा है। ब्यूरो