रोहतांग में कारोबार और साहसिक गतिविधियां बंद होने से 10 हजार लोगों का कारोबार प्रभावित हुआ है।
रोहतांग में कारोबार और साहसिक गतिविधियां बंद होने से 10 हजार लोगों का कारोबार प्रभावित हुआ है। मनाली के विधायक गोविंद ठाकुर ने कहा कि सरकार ने एनजीटी के समक्ष मजबूती से प्रभावितों का पक्ष नहीं रखा। लोगों को राहत देने के लिए इसी हफ्ते सुप्रीमकोर्ट जाने की बात कही।
उन्होंने नियम 62 के तहत रोहतांग में लोगों का कारोबार चौपट होने का मामला उठाया। कहा कि घोड़ा मालिक, टैक्सी ऑपरेटर, गर्म कपड़े विक्रेता, हिमाचली वेषभूषा ड्रेस, धाटू ड्रेस आदि पर प्रतिबंध लगा है। सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार कर प्रभावितों के पुनर्वास एवं मुआवजे का प्रावधान करना चाहिए। पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, रोहतांग में सैलानियों के लिए प्रतिबंधित 10 साहसिक खेल गतिविधियां शुरू होगी या नहीं?
सोलंगनाला में प्रस्तावित रोप-वे का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी तरह का रोप-वे पलचान से रोहतांग के बीच भी प्रस्तावित है। इसमें रेस्तरां का प्रावधान है। रोहतांग और मढ़ी में ईको फ्रेंडली मार्केट की भी पैरवी की। जयराम ने कहा कि एनजीटी ने रोहतांग के लिए कठोर निर्णय दिया है। महेश्वर सिंह ने रोहतांग में साफ-सफाई एनजीओ को सौंपने का सुझाव दिया।
सीएनजी के नैनो पार्टिकल से होता कैंसर
महेश्वर सिंह ने कहा कि अध्ययन से पता चला है कि सीएनजी के नैनो पार्टिकल से कैंसर होता है। ऐसे में सीएनजी बसें रोहतांग के लिए पर्यावरण मित्र नहीं कहा जा सकतीं। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि रोहतांग के लिए सीएनजी उपलब्ध कराना मुश्किल है। जहां तक कैंसर की बात है, लोगों के अपने-अपने विचार हैं। यह मामला एनजीटी के समक्ष रखा है।