डीसी ने बताया कि बॉयोमीट्रिक वेस्ट मैनेजमेंट के तहत 1,217 स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों में सीटीई संयंत्र (कंसेंट टू इस्टेबलिशड) स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 1203 संस्थानों को अनुदान उपलब्ध करवा दिया है।
जिला स्तरीय पर्यावरण योजना की बैठक बुधवार को डीसी आदित्य नेगी की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने अधिकारियों को जिले में बॉयोमीट्रिक वेस्ट मैनेजमेंट की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने बताया कि बॉयोमीट्रिक वेस्ट मैनेजमेंट के तहत 1,217 स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों में सीटीई संयंत्र (कंसेंट टू इस्टेबलिशड) स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 1203 संस्थानों को अनुदान उपलब्ध करवा दिया है। सीटीई के जरिये अस्पताल से निकलने वाले कूड़ा कर्कट का निस्तारण किया जाता है ताकि प्रदूषण न फैले।
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नागरिक अस्पताल ठियोग, चैपाल, कोटगढ़, सराहन, सुन्नी, जुन्गा, कुमारसैन, रामपुर बुशैहर, कोटखाई, ननखड़ी, चिढ़गांव, तकलेच, धामी, जलोग सरकारी अस्पतालों में सीटीई स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह 28 फरवरी तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीई लेने तथा 15 मार्च तक सीटीओ (कंसेंट टू आपरेटर) का संचालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं करते तो राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नियमों के तहत कार्यवाही अमल में लाए। इस अवसर पर बैठक में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लैब प्रभारी डाॅ. प्रवीण शर्मा, वैज्ञानिक अधिकारी राजेंद्र कुमार, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचआर ठाकुर और ओएसडी स्वास्थ्य सेवा सुनीता शर्मा मौजूद रही।