हिमाचल प्रदेश में चरस का कारोबार अरबों रुपये का है। इसे भांग के बीजों की खेती से तैयार किया जाता है। इस खेती को उजाड़ने के सरकार के सारे प्रयास धरातल पर बौने साबित हो रहे हैं। हर साल भांग के पौधे उखाड़ने के अभियान चलाए जा रहे हैं। ये बहुत छोटे से हिस्से पर चलते हैं, जहां तक पुलिस पहुंच पाए। असल खेती तो दुर्गम इलाकों में हो रही है।
प्रदेश के कुल्लू, मंडी आदि के कई क्षेत्रों में तो चरस की खेती अब विदेशों से मंगवाए जाने वाले हाइब्रिड बीज से भी होने लगी है। चरस के साथ पकड़े जाने के आरोप में कई विदेशी भी हिमाचल की जेलों में बंद हैं। एक स्वयंसेवी संस्था का दावा है कि हर साल लगभग 100 टन चरस की पैदावार और कारोबार होता है।
सुप्रीमकोर्ट ने हिमाचल सरकार से चरस की खेती को बंद करवाने के आदेश दिए हैं। उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि पहले उन लोगों को पकड़ा जाना चाहिए, जो इस तरह के नशे का उत्पादन कर रहे हैं। दो सदस्यीय पीठ के मुताबिक पहले रोग की पहचान करनी चाहिए, न कि रोगियों के इलाज पर पूरा ध्यान देना चाहिए। कहा है कि वास्तव में नशे के बढ़ते कारोबार की जड़ उसका उत्पादन है।
इसके उत्पादन पर ही रोक लगाए जाने की जरूरत है। हाल ही में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी प्रदेश में चरस के कारोबार पर गंभीरता जताते हुए अधिकारियों को भांग की खेती रोकने को कहा था। राजभवन में हुए एक सम्मेलन में कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने अनेक रोचक तथ्य सामने लाए थे। एक संस्था ने राज्य में भाग का 100 टन उत्पादन होने का भी दावा किया था।
इस साल 2847.05 बीघा भूमि पर उखाड़े पौधे
पुलिस ने 2007 में 125 भांग के पौधे उखाड़े। वर्ष 2009 में 2600 किलोग्राम पौधे उखाड़े और इसी साल साढे़ छह बीघा भूमि पर भांग के पौधे उखाडे़। 2010 में 3000 पौधे उखाड़े और 54 किलोग्राम बीज अपने कब्जे में लिया। 2011 में 18 करोड़ 13 लाख 44 हजार 508 पौधे कब्जे में लिए। वर्ष 2012 में 4674.13 बीघा में पौधे उखाड़े गए। वर्ष 2014 में सरकारी जमीन पर 1919.07 बीघा और निजी भूमि में 1,53,966 बीघा भूमि पर पौधे उखाड़े गए। वर्ष 2015 में 30 सितंबर तक 2847.05 बीघा भूमि पर भांग के पौधे उखाड़े हैं।
वर्ष 2005 में पुलिस ने 237.650, 2006 में 309.069, 2007 में 327.185, वर्ष 2008 में 417.092, 2009 में 685.185, 2010 में 640.214, 2011 में 29.583, 2012 में 278.811, 2013 में 314.962, 2014 में 356.963 और 2015 में 30 सितंबर 175.139 किलोग्राम चरस पकड़ी।
एसपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, कानून-व्यवस्था, हिमाचल पुलिस ने कहा कि प्रदेश में चरस कारोबार रोकने और भांग की खेती खत्म करने को सरकार बहुत संवेदनशील है। हाल ही में सरकार ने राजस्व, वन और पुलिस विभागों को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वन और राजस्व विभागों को इस खेती की जानकारी पुलिस को देनी होगी। पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। वरना वन और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे।