उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को शिमला से प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रवासी श्रमिकों विशेषकर औद्योगिक इकाइयों में आने वाले कामगारों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों या उनके ठेकेदारों को प्रशासन की अनुमति के बाद ही कामगारों को लाने की अनुमति होगी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक उन्हें क्वारंटीन किया जाना आवश्यक होगा। बड़ी औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त क्वारंटीन क्षमता सृजित करनी होगी, जबकि छोटी इकाइयां क्वारंटीन सुविधा सृजित करने के लिए किसी एक स्थान को चिन्हित कर सकती हैं। उन्होंने उद्योग श्रम और रोजगार विभाग को औद्योगिक इकाइयों को इस संबंध में समय-समय पर जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंदिरों और धार्मिक स्थलों में नहीं आएगी भीड़
जयराम ठाकुर ने कहा कि त्योहारों के मौसम के दृष्टिगत एक स्थान पर अधिक भीड़ एकत्रित होने से रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को नहीं खोलने का निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैवाहिक और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में 50 से अधिक लोग जमा न हों। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संबंधित जिलों में कोविड-19 जांच क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों की उचित जांच के अतिरिक्त जुकाम जैसे लक्षण वाले सभी लोगों का कोविड-19 परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
61 देशों के 78 शहरों से 1560 लोग गहन चिकित्सीय जांच के बाद प्रदेश में आ चुके
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तक 61 देशों के 78 शहरों से लगभग 1560 लोग गहन चिकित्सीय जांच के बाद प्रदेश में आ चुके हैं। इनमें 1117 लोग नई दिल्ली हवाई अड्डे, 193 अमृतसर हवाई अड्डे और 248 चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे हैं। 613 उड़ानों के आगमन पर प्रदेश सरकार के अधिकारी नई दिल्ली, अमृतसर और चंडीगढ़ हवाई अड्डों पर उपस्थित थे।