सीपीआईएम के जिला महासचिव होतम सौंखला ने कहा कि प्रदेश में हुई त्रासदी को केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा घोषित करे और प्रदेश को एकमुश्त 10,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया जाए।
कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी मंगलवार को प्रदेश में भारी बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी। इस दौरान सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक एक रैली निकाली। उपायुक्त कार्यालय के बाहर सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया।
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सीपीआईएम के जिला महासचिव होतम सौंखला ने कहा कि प्रदेश सरकार के आकलन के अनुसार भारी त्रासदी से 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि निजी नुकसान का सही आकलन हो तो यह कहीं ज्यादा है। सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं और सैकड़ों लोगों की जानें चली गई हैं। किसान परिवारों की जमीनें भूस्खलन से खत्म होने के साथ ही फसलों का नुकसान भी हुआ।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मदद के बिना प्रदेश का पुर्ननिर्माण, पुनर्वास और पुर्नस्थापन असंभव है। इसलिए प्रदेश में हुई त्रासदी को केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा घोषित करे और प्रदेश को एकमुश्त 10,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया जाए। वन संरक्षण कानून 1980 में हुए संशोधन के आधार पर मकान बनाने के लिए भूमि दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने त्रासदी में लोगों को राहत देने के प्रयास किए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों के मकानों और जमीन के नुकसान का अभी तक आकलन नहीं हुआ है।
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कई परिवारों को राहत नहीं मिली है। सीपीआईएम नेताओं ने कहा कि विभागों की ओर ग्रामीण स्तर पर लोगों को हुए नुकसान का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। जिन परिवारों के घर टूट या ढह गए हैं, उनका रहने का उचित प्रबंध किया जाए। जमीन के बदले जमीन और घर के बदले घर दिए जाए। इस दौरान पार्टी के जिला सचिवालय सदस्य राजेश ठाकुर, जिला कमेटी सदस्य ममता नेगी, खेम चंद, चमन ठाकुर आदि मौजूद रहे।