मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विशेष श्रेणी राज्य की रियायतें खत्म करने के मामले पर वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और इन रियायतों की बहाली की मांग करेंगे। वीरभद्र ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने दिल्ली में मिलने का समय दिया तो उनसे इस मामले को शिद्दत के साथ रखा जाएगा। वीरभद्र सिंह सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वे इस बार दिल्ली जाकर इस मामले पर बात कर सकते हैं। वीरभद्र सिंह मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद दिल्ली जा रहे हैं। वे दो जुलाई को शिमला लौटेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के लिए विशेष श्रेणी राज्य के तौर पर वित्तीय पैकेज खत्म नहीं होना चाहिए। नीति आयोग की सिफारिशों का नुकसान सबसे ज्यादा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को ही होगा।
जम्मू-कश्मीर को तो विशेष वित्तीय पैकेज मिल ही जाता है। यह दाएं से न मिले तो बाएं से मिल जाता है। पूर्वोत्तर राज्यों का अपना मंत्रालय है। इन्हें भी विशेष आर्थिक सहायता मिल ही जाती है। फ र्क केवल दो पहाड़ी राज्यों को ही पड़ेगा।
मंत्रियों के महकमों में बदलाव से इंकार नहीं
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंत्रियों के महकमों में बदलाव की संभावना से इंकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह इनेविटेबल नहीं है, मगर पॉसिबल है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार का मामला विचाराधीन है। कर्ण सिंह उन नेताओं की लिस्ट में शामिल हैं, जिनमें से मंत्री बनाने पर विचार हो रहा है। हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह की ओर से राज्य सरकार के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर वीरभद्र सिंह ने कुछ खास टिप्पणी नहीं की।
भाजपा चार्जशीट को अभी नहीं पढ़ा
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा चार्जशीट को अभी तक उन्होंने पढ़ा नहीं है। उन्हें अखबारें पढ़कर ही इसकी जानकारी मिली है। अखबारों में जो पढ़ा है, उसके मुताबिक इसमें कोई सबस्टांस नहीं है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट सौंपना भाजपा की परंपरा रही है। इसे एग्जामिन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वर्दी खरीद मामले पर किए सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि इस पर एक्शन ले रहे हैं। यह तो फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने भी लिखा है।