पार्टी महासचिव और हिमाचल की प्रभारी अंबिका सोनी से मुलाकात करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।
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हिमाचल विधानसभा में शक्ति परीक्षण में पास होने के बाद अब आलाकमान के सामने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर मंत्रियों और विधायकों का विश्वास जीतने में भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कामयाब रहे। दिल्ली में पार्टी महासचिव और हिमाचल की प्रभारी अंबिका
सोनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सूबे के दर्जन भर प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी और सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में विश्वास जताया। हालांकि, आलाकमान के सामने कई नेताओं का दर्द भी छलका।
विधायकों से ज्यादा तरजीह बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों को मिलने पर कुछ नेताओं ने सरकार पर भड़ास निकाली। कहा कि कुछ क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा ऐसी तैनातियां की गई हैं। हिमाचल सरकार कर्ज में डूबी हुई है, इससे अनावश्यक खर्च हो रहा है जिसे कम किया जा सकता है।
आलाकमान से गुहार लगाई गई कि विधायकों को ज्यादा तरजीह मिलनी चाहिए। बैठक में मंत्रियों को क्लास टू तक के अधिकारियों के तबादले करने की पावर भी मांगी गई। इसका पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने समर्थन किया।
सूत्रों की मानें तो इस पर सीएम ने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि शिमला जिले से ऐसी नियुक्तियां बहुत ज्यादा नहीं हैं। समिति की बैठक में शामिल हुए नेताओं ने वादा किया कि भाजपा के सरकार गिराने की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार बहुमत में है और 40 से अधिक विधायकों का इसे समर्थन हासिल है।
सीएम से अकेले भी मिलीं अंबिका- नई दिल्ली में लगभग तीन घंटे चली समन्वय कमेटी की बैठक के अलावा अंबिका सोनी ने नई दिल्ली में सीएम वीरभद्र सिंह से अलग से भी बातचीत की। कुछ अन्य नेता भी बाद में अंबिका सोनी से मिले और उन्हें फीडबैक दिया गया।
अंबिका ने हिमाचल के नेताओं को पढ़ाया एकजुटता का पाठ
अंबिका सोनी ने प्रमुख नेताओं से कहा है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए काम करें।
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राघवेंद्र नारायण मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस आलाकमान ने हिमाचल कांग्रेस के दिग्गजों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया है। पार्टी महासचिव और हिमाचल की प्रभारी अंबिका सोनी ने प्रमुख नेताओं से कहा है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए काम करें।
उन्होंने हिमाचल में भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा सरकार गिराने की कोशिशों पर प्रदेश के नेताओं से फीडबैक लिया। साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को केंद्र सरकार द्वारा मामले में फंसाकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया। हिमाचल कांग्रेस की समन्वय समिति की यह बैठक सोनी की अध्यक्षता में उनके आवास पर हुई।
ढाई घंटे चली बैठक के बाद सोनी ने कहा कि भाजपा की हिमाचल में सरकार गिराने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। हिमाचल में किसी तरह का संकट नहीं है। उन्होंने उत्तराखंड में सरकार गिराने के प्रयास को लोकतंत्र की हत्या की संज्ञा दी और कहा कि हिमाचल में
कांग्रेस ब्लाक स्तर तक आंदोलन कर जनता को भाजपा के अलोकतांत्रिक रवैये से अवगत कराएगी। मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत के विचाराधीन है। जांच पहले से चल रही है और हम लोग इसका सामना कर रहे हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, एआईसीसी सचिव राजाराम पाल, आशा कुमारी, राकेश कालिया, मंत्री विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर, जीएस बाली, सुजान सिंह पठानिया, मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विपल्व ठाकुर, राज्य कांग्रेस महासचिव हरभजन सिंह भज्जी और रंगीला राम राव ने शिरकत की।