मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश विधानसभा परिसर शिमला में क्यूआर कोडेड डिजिटल राशन कार्डों का लोकार्पण किया। नए राशन कार्ड पैन कार्ड साइज के हैं। यह राशनकार्ड परिवार की महिला मुखिया के नाम होगा।
यह कार्ड उपभोक्ताओं को अगले महीने से डिपो में मिलने शुरू हो जाएंगे। सरकार ने करीब 16 लाख राशनकार्ड तैयार किए हैं। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि नई प्रणाली फर्जी राशन कार्डों को नियंत्रित करने में सहायक है। इससे राशन की चोरी को भी रोका जा सकेगा।
डिजिटल कार्ड आधार नंबर के साथ जुड़ा होगा। स्वाइप मशीन के माध्यम से उपयोग किया जाएगा। उचित मूल्य की दुकानों में नागरिक आपूर्ति के लिए कार्ड उपयुक्त 2000 प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें खरीदी गई हैं।
परिवहन एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी के साथ प्रधान सचिव खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति तरुण कपूर, खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति निगम की प्रबंध निदेशक एम. सुधा देवी भी उपस्थित थीं।
एक लाख फर्जी राशनकार्ड
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि लगभग एक लाख राशनकार्ड फर्जी पाए गए हैं। इनमें ज्यादातर राशनकार्ड दोहरे होने के कारण फर्जी पाए गए हैं। कहा कि 16 लाख राशनकार्ड सप्ताह भर में उपभोक्ताओं को बांटे जाएंगे।
नई प्रणाली का आधा-आधा खर्च वहन करेगी केंद्र, राज्य सरकार
बाली ने कहा कि हिमाचल में ईपीडीएस परियोजना में उचित मूल्य की दुकानों में पीओएस मशीनों के स्थापन और राशन कार्डों के डिजिटलीकरण के साथ पीडीएस का स्वचालन शुरू हो गया है। स्वचालन और कंप्यूटरीकरण की लागत 50:50 के अनुपात के साथ केंद्र और राज्य सरकार वहन करेगी।
कार्ड में लगी है चिप
डिजिटल राशनकार्ड में कार्ड में एक चिप लगी है। कार्ड को मशीन में स्क्रैच करने पर स्क्रीन पर उपभोक्ता का नाम और कुल राशन का ब्योरा आएगा। इसके आधार पर उपभोक्ताओं को राशन आवंटित किया जाएगा।
फर्जी राशनकार्ड का होगा खुलासा
डिजिटल राशनकार्ड को आधार से जोड़ा गया है। इसमें फर्जी कार्ड बनाने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। अगर कोई व्यक्ति फर्जी कार्ड बनता है तो डिपुओं में लगी मशीन इसे स्वीकृति नहीं करेगी।
बढ़ सकता है राशन का कोटा
हिमाचल में एक लाख फर्जी राशनकार्ड पकड़े जाने से इनका राशन अन्य 16 लाख उपभोक्ताओं में विभाजित किया जाएगा। ऐसे में राशन कोटा बढ़ने की भी संभावना है।