आईटीआई शाहपुर में प्रदेश के पहले और देश के तीसरे ड्रोन पायलट स्कूल का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को किया। उद्घाटन अवसर पर सीएम ने कहा कि ड्रोन आधुनिक युग की तकनीक है, जिसे कोई भी संचालित कर इसे रोजमर्रा के कार्यों में उपयोग कर सकता है। सीएम ने कहा कि ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण पाकर युवा रोजगार से जुड़ सकते हैं। इससे फसलों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और निगरानी भी संभव होगी।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ड्रोन तकनीक को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने का राज्य सरकारों से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ड्रोन तकनीक युवाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी और युवाओं को इस तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर मंत्री सरवीण चौधरी, बिक्रम ठाकुर और निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल आदि मौजूद रहे। गौर हो कि ड्रोन पायलट स्कूल में मार्च के पहले सप्ताह से कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं।
बेरोजगारों को 18 सीटर बसों के लिए रियायती दरों पर मिलेगा परमिट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती परिवहन संचालन को बढ़ावा देने के लिए स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार परिवहन योजना को स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को 18 सीटर तक की क्षमता वाली बसों के लिए रियायती कर दरों पर परमिट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत 107 रूटों की पहचान कर उन्हें विज्ञापित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शीघ्र ही ऐसे अन्य रूटों को भी विज्ञापित किया जाएगा। शनिवार को कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के दरगोला में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के निजी ट्रांसपोर्टरों की कठिनाइयों से अवगत है और इसके दृष्टिगत उन्हें कई रियायतें दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान ट्रांसपोर्टरों की कठिनाइयों से अवगत है। लिहाजा, 20 महीने के लिए इन्हें कर राहत प्रदान की, जो संभवत: देश में अधिकतम है। ट्रांसपोर्टरों को लगभग 120 करोड़ रुपये के लाभ प्रदान किए गए हैं। निजी बस ऑपरेटर संघ ने मुख्यमंत्री से ग्रीन टैक्स पर सेस हटाने का आग्रह किया है। ऑपरेटरों के विभिन्न मामलों के निपटारे के लिए सिंगल विंडो शुरू करने की मांग भी की है।