राजधानी के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान का ड्राफ्ट तैयार, नगर निगम पार्षदों से मांगे सुझाव
वर्ष 2041 तक की जरूरतों को पूरा करेगा डेवलपमेंट प्लान
क्रॉसर
कोर एरिया में तीन मंजिल तक बन सकेेंगे भवन
सड़क है तो वहां पार्किंग फ्लोर बनाने बना सकेंगे
कोर एरिया में भवन की कुल ऊंचाई 13 मीटर रहेगी
नॉन कोर एरिया में चार मंजिला भवन बना सकेंगे
चार मंजिलों के अलावा एक पार्किंग फ्लोर भी रहेगा
नॉन कोर एरिया में भवनों की ऊंचाई 21 मीटर रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी को अगले 20 सालों में कैसे बसाया जाएगा इसके लिए बन रहा सिटी डेवलपमेंट प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। जनप्रतिनिधियों की राय लेने के बाद अब इस पर आम जनता के सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी। इसके लिए एक महीने का वक्त दिया जाएगा।
16 नवंबर 2017 को जारी एनजीटी के आदेशों के अनुसार शहर के कोर और ग्रीन एरिया में नए निर्माण पर पूर्ण रोक है। प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिल भवन निर्माण की छूट दी है। अब टीसीपी की ओर से शिमला का जो डेवलपमेंट प्लान का ड्राफ्ट बनाया है, उसमें शिमला शहर को दो भागों में बांटा है। शहर के कोर एरिया में तीन मंजिल तक भवन निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव है। जहां सड़क है, वहां पार्किंग फ्लोर बनाने की भी मंजूरी मिलेगी। इस तरह कोर एरिया में पार्किंग समेत कुल चार मंजिल भवन बनाने की छूट रहेगी। कोर एरिया में भवन की कुल ऊंचाई 13 मीटर रहेगी।
नॉन कोर एरिया के लिए चार मंजिला भवन बनाने का प्लान बनाया है। चार मंजिलों के अलावा एक पार्किंग फ्लोर भी बनेगा। कुल ऊंचाई 21 मीटर रहेगी। इस ड्राफ्ट पर शहर के पार्षदों की राय और सुझाव लेने के लिए मंगलवार को होटल होलीडे होम में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में एक बैठक भी बुलाई गई। टीसीपी के अधिकारियों ने मेयर और पार्षदों को इस ड्राफ्ट के बारे में प्रेजेंटेशन दी और उनसे सुझाव लिए। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नए सिटी डेवलपमेंट प्लान में यातायात और सीवरेज से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर भी काम किया जाएगा।
सुझाव और आपत्तियों के बाद मिलेगी मंजूरी
नगर निगम पार्षदों के सुझाव लेने के बाद अब इस ड्राफ्ट पर शहर की जनता की राय और सुझाव भी लिए जाएंगे। शहरवासी इस पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज करवा सकते हैं। सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए एक महीने का वक्त मिलेगा। टीसीपी विभाग इस ड्राफ्ट को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करेगा जिस पर लोग सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद आवश्यक संशोधन करते हुए इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विभाग का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों से भी इस पर बैठकें हो चुकी हैं।
एटिक की ऊंचाई बढ़ाई
मानी जाएगी पूरी मंजिल
इस ड्राफ्ट में सबसे अहम प्लान एटिक को लेकर है। शहर में अभी एटिक की ऊंचाई 2.75 मीटर तय की गई है। नए ड्राफ्ट में इसकी ऊंचाई तीन मीटर तक करने का प्रावधान किया है। एटिक की ऊंचाई बढ़ने से लोगों को फायदा होगा। हालंाकि इसे एक फ्लोर के तौर पर गिना जाएगा। बैठक में कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह ने भी अपने सुझाव दिए। कई पार्षदों ने सुझाव दिए कि भवन की ऊंचाई 21 मीटर ही रहेगी लेकिन इसमें कितनी मंजिलें बनानी हैं, इसकी छूट भवन मालिक को दी जाए।
45 डिग्री से ज्यादा ढलान पर निर्माण की अनुमति नहीं
नाभा पार्षद सिमी नंदा ने पूछा कि शिमला में ज्यादातर जगह ढलानदार है। नए ड्राफ्ट में इसके लिए क्या नियम रखा है। इस पर टीसीपी के अधिकारियों ने जवाब दिया कि शिमला शहर में 45 डिग्री से ज्यादा ढलान पर भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। 45 डिग्री से कम ढलान वाली जगह पर भी भू विज्ञानी की रिपोर्ट जरूरी होगी जिसमें तय होगा कि जगह पक्की है या नहीं।