चंबा पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार की आधी रात परिवहन निगम की एक बस को यह कह कर बीच रास्ते में रुकवा दिया कि किसी आपराधिक मामले में शामिल एक व्यक्ति को पकड़ने का अभियान चलाया है।
सारी हकीकत सामने आने तक ऊपरी तौर पर यही लग रहा था, लेकिन असली हकीकत उस समय सामने आई जब पीछे से आ रही एक बस से व्यक्ति को उतार कर रोकी गई बस में बैठा दिया गया।
बाद में उसे ले जाने के लिए बाकायदा आधी रात को पुलिस का वाहन आया, जिस पर बस में बैठी सवारियों को एहसास हुआ कि यह व्यक्ति कोई आपराधिक मामले में संलिप्त नहीं है बल्कि वह पुलिस अधिकारी का परिचित है और उसे लिफ्ट दिलाने के यह सारा पैंतरा बिछाया गया था। इसके चलते यात्रियों से भरी पूरी बस में बैठे लोगों ने अपने आप को ठगा हुआ महसूस किया।