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मंडी उपचुनाव: ब्रिगेडियर कुशाल चंद बोले- फौजी हूं, राजनीति की समझ नहीं पर लोगों की जरूरतें जानता हूं

Thu, 07 Oct 2021 01:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, मंडी

सार

टिकट कटने के बाद महेश्वर सिंह को सेरी मंच पर कुशाल चंद की नामांकन रैली के दिन जनता को संबोधित करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि आला कमान का निर्णय सिर-माथे पर है। ज्यादा बोलना भी सही नहीं।
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नामांकन के बाद विजयी चिह्न बनाते सीएम जयराम ठाकुर, कुशाल चंद एवं अन्य। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को मंडी में भाजपा के ब्रिगेडियर कुशाल चंद ने सीएम जयराम ठाकुर की मौजूदगी में जिला निर्वाचन अधिकारी अरिंदम चौधरी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद डीसी परिसर से सेरी मंच तक रैली निकालकर भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन किया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनियों के बीच समर्थकों ने जयराम और कुशाल को कंधों पर उठाकर मंच तक पहुंचाया। 

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ब्रिगेडियर कुशाल चंद ने भारत माता की जय के नारे के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। देवी-देवताओं, शहीदों को नमन किया और मंडी से सांसद रहे दिवंगत रामस्वरूप शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मैं फौजी हूं। राजनीति की उतनी समझ नहीं। मगर सेरी का यह मंच मेरे लिए नया नहीं है। 

1970 से  इससे जुड़ा हुआ हूं। सेना में जाने से पहले जब पटवारी था तो सामने ही मेरा दफ्तर हुआ करता था। मंडी और कुल्लू में मेरा बचपन बीता है। पढ़ाई-लिखाई हुई है। पूरा मंडी संसदीय क्षेत्र मैंने घूमा है और यहां के लोगों के संपर्क में हूं। इसलिए जानता हूं कि यहां की जरूरतें और अपेक्षाएं क्या हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र के सामने हिमाचल के मुद्दे रखूंगा।
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टिकट के दावेदार महेश्वर बोले- ज्यादा बोलना सही नहीं, जनसभा छोड़ चले गए
टिकट कटने के बाद महेश्वर सिंह को सेरी मंच पर कुशाल चंद की नामांकन रैली के दिन जनता को संबोधित करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि आला कमान का निर्णय सिर-माथे पर है। ज्यादा बोलना भी सही नहीं। शायद मेरे भीतर ही कोई कमी रही होगी। पार्टी ने जो निर्णय लिया है, वह सही है। कुछ देर मंच पर बिताने के बाद महेश्वर  बीच जनसभा से उठकर चले गए। उधर, कुल्लू में महेश्वर ने कहा कि पार्टी कहेगी तो चुनाव में काम करेंगे। महेश्वर सिंह ने तीन माह पूर्व ही टिकट के लिए आवेदन कर दिया था। टिकट न मिलने से  महेश्वर सिंह के समर्थकों में रोष है।

गायब रहे अनिल, खूब ट्रोल हुए आश्रय
सदर भाजपा विधायक अनिल शर्मा नामांकन रैली से गायब दिखे। बेटे आश्रय का कांग्रेस से टिकट कटने के बाद  कयास लगाए जा रहे थे कि शायद अनिल भाजपा के चुनावी प्रचार का हिस्सा बनें। वहीं, अनिल के बेटे एवं पंडित सुखराम के पोते कांग्रेस महासचिव आश्रय शर्मा भाजपा प्रत्याशी कुशाल व कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह को सोशल मीडिया पर बधाई देकर खूब ट्रोल हुए हैं। वह अपने ही समर्थकों और लोगों के निशाने पर आ गए हैं।

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