उनकी कामना है कि भावना इसी तरह आगे बढ़ती रहे और देश के लिए उपलब्धियां हासिल करती रहे। 27 वर्षीय भावना गोहर उपमंडल के पंडोह से सटे बैला गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रेम सिंह किसान और माता दासी देवी गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में सबसे छोटी भावना की बड़ी बहन कांता, बहन पुष्पा और भाई दुनी चंद हैं। माता दासी देवी ने कहा कि बेटी ने पूरी टीम के साथ शानदार प्रदर्शन कर देश के साथ मंडी जिले का नाम रोशन किया है। पिता प्रेम सिंह ने कहा कि भावना की खेल के प्रति लगन, मेहनत और जज्बे का परिणाम अब सामने आया है। भाभी प्रोमिला देवी ने भी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताई।
भावना की शुरुआती पढ़ाई कोट और स्यांज स्कूल में हुई। इसके बाद सिरड़ा इंस्टीट्यूट के छात्रावास में रहकर कनैड स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की। वर्ष 2021 में धर्मशाला में कबड्डी प्रशिक्षण लेने के बाद उनके खेल कॅरिअर को नई दिशा मिली। 24 नवंबर 2025 को चीन को हराकर विश्वकप जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम में भी भावना ने अहम भूमिका निभाई थी। अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने बड़े सपने को पूरा कर लिया है।
कबड्डी छोड़ चुकी थीं भावना, फिर बदला फैसला
वर्ष 2014 में कबड्डी शुरू करने के बाद भावना ने जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन कुछ समय बाद खेल छोड़ दिया। मंडी जिला कबड्डी संघ के नेत्र सिंह और प्रेम ठाकुर उनके घर पहुंचे। उन्होंने पिता प्रेम सिंह की मदद से भावना को दोबारा खेलने के लिए प्रेरित किया। दोनों ने भावना को खेल न छोड़ने की कसम भी दिलाई। इसके बाद भावना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार आगे बढ़ती गईं।
सीएम ने दी बधाई, विजेताओं को मिलेगा ईनाम
मंडी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की हिमाचल की चारों खिलाड़ियों समेत पूरी टीम को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल को भी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पहुंचने पर सभी विजेताओं का स्वागत किया जाएगा और नियमों के तहत सरकार की ओर से ईनामी राशि दी जाएगी।