गांव में बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके दाह संस्कार के लिए जा रहे 40 से ज्यादा लोग अभी शमशानघाट पर पहुंचे ही थे कि अचानक उन पर हमला हो गया। हमला इतना जोरदार था कि बचने के लिए कोई तालाब में कूद गया तो कोई गाड़ी में बंद हो गया।
इसके बावजूद दो लोग इतने घायल हो गए कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। दरअसल यह घटना हिमाचल के जिला कांगड़ा के नगरोटा में हुई। यहां मटियारी स्थित श्मशानघाट में शनिवार को एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के दौरान अंतिम विदाई देने पहुंचे सैकड़ों लोगों पर जंगली मधुमक्खियों ने हमला कर दिया।
मधुमक्खियों ने दर्जनों लोगों को काट लिया। हमले से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। कोई श्मशानघाट के पास बने तालाब में कूद गया तो कोई पास खड़ी गाड़ियों में घुस गया।
डरकर भागने लगे लोग
हमला इतना जोरदार था कि करीब चार दर्जन से ज्यादा लोग मधुमक्खियों के हमले में घायल हो गए। इसमें गंभीर रूप से काटे गए दो लोगों को नगरोटा बगवां के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां पर उनका उपचार चल रहा है।
इससे महिला के दाह संस्कार में भी काफी विलंब हो गया। बाद में काफी मुश्किल से शव को अग्नि देकर धुआं फैलाकर मधुमक्खियों को भगाया गया। हमले के बाद लोग इतना डर गए गए कि दाह संस्कार में लकड़ी डालने के लिए शव के पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी।
प्रत्यक्षदर्शी पंकज कुमार ने बताया कि दोपहर लगभग 12 बजे जब अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक हजारों की संख्या में मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया।
तालाब तक में कूदे लोग
लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग समीप ही स्थित पानी के एक तालाब (नौण) में कूद गए। काफी देर के बाद कुछ लोगों ने खुद को कपड़ों से पूर्ण रूप से ढांप कर और श्मशानघाट में धुआं फैलाकर शव का अंतिम संस्कार किया।
मधुमक्खियों के हमले में करीब 30-40 लोगों को आंशिक रूप से घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। गौरतलब है कि श्मशानघाट के इस क्षेत्र में इस तरह की यह पहली घटना है।