मंडी के नेरचौक स्थित अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय में शैक्षणिक परिषद की बैठक में किया गया। वर्चुअल मध्यम आयोजित बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. सुरेंद्र कश्यप ने की।
हिमाचल प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों में एमडी और एमएस (सर्जरी) पाठ्यक्रमों के लिए थिसिस प्रोटोकाल को जमा करने के लिए चिकित्सकों को अब छह माह के बजाय एक वर्ष का समय दिया जाएगा। साथ ही एमडीएस (पीजी डेंटल) पाठ्यक्रमों के लिए थिसिस प्रोटोकाल को जमा करने के लिए तीन के बजाय छह माह का समय मिलेगा। यह निर्णय मंडी के नेरचौक स्थित अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय में शैक्षणिक परिषद की बैठक में किया गया। वर्चुअल मध्यम आयोजित बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. सुरेंद्र कश्यप ने की।
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बैठक में सूबे के 31 नर्सिंग कॉलेजों में प्रवक्ताओं की हाजिरी बायोमीट्रिक मशीन लगाने का निर्णय लिया गया। बीएससी नर्सिंग कॉलेजों में पहले छमाही की वार्षिक परीक्षाएं जुलाई के अंत में करवाए जाने पर भी सहमति बनी। कुलपति ने कहा कि बैठक में ई पुस्तकालय शुरू करने का भी निर्णय किया गया है। जल्द इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रथम स्थान ग्रहण करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर को सम्मानित किया जाएगा। जो प्रथम स्थान हासिल करेगा, उसे स्वर्ण पदक दिया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न संकाय के डीन एवं मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य उपस्थित रहे।