हमीरपुर के भलाणा में विकसित किया गया आंगनबाड़ी केंद्र।
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प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को माडर्न प्ले स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इन आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ का नाम दिया गया है। ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट ऑफ मदर एंड चाइल्ड एनजीओ और वेदांता फाउंडेशन के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित किया जा रहा है। एनजीओ ने हमीरपुर जिला से इसकी शुरुआत कर 25 आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित किया है।
ये ‘नंद घर’ देखने में आकर्षक हैं। एनजीओ इनका रखरखाव स्थानीय पंचायत व लोगों के सहयोग से करेगा। एनजीओ के स्टेट हेड डॉ. गौरव सेठी ने कहा कि वेदांता फाउंडेशन का इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ एमओयू साइन हुआ है। अन्य प्रदेशों में भी ऐसे ‘नंद घर’ बनाए जा रहे हैं।
हमीरपुर के बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में ‘नंद घर’ बनाने के लिए फाउंडेशन निर्णय लेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग एचसी शर्मा ने कहा कि जिला के 25 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ बनाया गया है। यहां बच्चों के सीखने के लिए बढ़िया माहौल तैयार किया गया है। बच्चों के अभिभावक भी इसकी सराहना कर रहे हैं। संवाद
‘नंद घरों’ की खासियत
लर्निंग के लिए एलईडी स्थापित किए गए हैं। 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए सोलर पैनल, इनवर्टर और बैटरी लगाई गई हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स उकेरी गई हैं। इनमें पशु, पक्षियों व विभिन्न व्यक्तित्वों के फोटो और अन्य ज्ञानवर्धक चित्र उकेरे गए हैं। आंगनबाड़ी में पंखे, वाटर प्योरीफायर, हर्बल किचन गार्डन आदि स्थापित किए गए हैं।