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लखीमपुर खीरी मामला: चरण सिंह सापरा बोले- निष्पक्ष जांच के लिए अजय मिश्रा को तुरंत पद से हटाया जाए

Fri, 08 Oct 2021 06:28 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता चरण सिंह सापरा ने कहा कि केंद्र सत्ता और धन बल से दबाव बनाकर लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के मामले को दबाने को प्रयास कर रहा है। उत्तर प्रदेश में अंधा कानून चल रहा है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता - फोटो : twitter@Charanssapra
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विस्तार
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और मुंबई प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष चरण सिंह सापरा ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की निर्मम हत्या मामले में आशीष को भगोड़ा घोषित कर गिरफ्तार करने की मांग की है। कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को तुरंत पद से हटाया जाए। उनके पद पर रहते इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। लखीमपुर खीरी की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह है।

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प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में सापरा ने कहा कि केंद्र सत्ता और धन बल से दबाव बनाकर लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के मामले को दबाने को प्रयास कर रहा है। उत्तर प्रदेश में अंधा कानून चल रहा है। कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को वहां जाने से रोका जा रहा है। प्रियंका गांधी को अवैध ढंग से हिरासत में रखा गया। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कांग्रेस से 70 सालों का हिसाब मांग रही है, जबकि उसने अपने सात साल में देश की संपत्तियों को बेचना शुरू कर दिया है। भाजपा ने कल ही अपना 20 साल का जश्न मनाया है। कश्मीर में हर रोज बेगुनाह लोगों की हत्याएं हो रही हैं।
 
कानूनी फीस के नाम पर 8,546 करोड़ का भुगतान का जज से जांच कराएं: चरण सिंह 
 चरण सिंह सापरा ने कहा कि देश में कोरोना की दूसरी लहर में डेढ़ लाख से अधिक लोगों की मौत सरकार की विफलता है। देश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में छोटे कारोबारियों का गला घोंटा जा रहा है। एक विदेशी ई कॉमर्स कंपनी ने पिछले दो साल में भारत में कानूनी फीस के नाम पर 8546 करोड़ का भुगतान किया है। विधि मंत्रालय का सालाना बजट ही 1100 करोड़ का है। इस कंपनी का कानूनी फीस का दो साल का बजट ही 8,546 करोड़ है। इस खुलासे के बाद कंपनी ने कथित तौर पर रिश्वत की बात स्वीकारी है। अमेरिका और भारत में लॉबिंग और रिश्वत का पैसा देना अपराध है। इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के जज से करवाई जाए।

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