शहर के पंथाघाटी और कसुम्पटी वार्ड के हजारों लोगों को ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। मीटर रीडिंग न होने से इन वार्डों के उपभोक्ताओं को अभी तक पानी के बिल नहीं मिल पाए हैं।
शहर के बाकी सभी वार्डों में बिल बंट चुके हैं लेकिन इन दो वार्डों के बिल अभी तैयार ही नहीं हुए। परेशान लोग कंपनी कार्यालय पहुंच रहे हैं। लेकिन बिल तैयार न होने पर इन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इन वार्डों को एक साल के पानी के बिल जारी होने हैं। अभी पहली किस्त में पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक के बिल लिए जा रहे हैं।
पेयजल कंपनी ने जिस ठेकेदार को दो वार्डों की रीडिंग का जिम्मा सौंपा था, उसने अभी तक रीडिंग की रिपोर्ट कंपनी को नहीं दी है। कंपनी ने इसे नोटिस भी जारी किया है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग रिपोर्ट नहीं आ रही। रीडिंग न मिलने से इन वार्डों के उपभोक्ताओं को पिछले साल अगस्त तक के बिल जारी नहीं हो पाए हैं।
कंपनी का कहना है कि दोनों वार्डों के बिल तैयार करने में अभी वक्त लगेगा। कोशिश है कि एक माह में सभी को बिल दिए जाएं। उपभोक्ता परेशान न हों। जब से बिल जारी होगा, उसमें भुगतान के लिए एक माह का वक्त दिया जाएगा।
व्यावसायिक उपभोक्ताओं को फरवरी तक के बिल होंगे जारी
शहर के व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पेयजल कंपनी फरवरी 2019 तक के बिल जारी करने जा रही है। इनके बिल तैयार कर दिए हैं। अगले हफ्ते तक इन्हें बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा वार्डों में भी घरेलू उपभोक्ताओं को फरवरी तक के बिल जल्द जारी करने की योजना है। हालांकि, सभी वार्डों से अगस्त तक के बिल वसूलने के बाद ही अगले बिल जारी किए जाएंगे। कंपनी के अनुसार अभी तक करीब 10 हजार उपभोक्ताओं ने पिछले साल अगस्त तक के बिल जमा करवा दिए हैं।
एक महीने के भीतर जारी होंगे बिल
दोनों वार्डों के बिल अगले एक माह में वितरित कर दिए जाएंगे। उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सभी को बिल जमा करने के लिए एक महीने का वक्त मिलेगा। - धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड