होटल निर्माण के लिए विभिन्न विभागों की अनुमति लेना जरूरी है। नगर नियोजन विभाग की अनुमति के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति भी जरूरी है। लेकिन, मनाली में चल रहे एक होटल संचालक ने एक भवन के 14 कमरों की अनुमति नही ली थी।
पर्यटन नगरी मनाली में सरकारी औपचारिकता पूरी किए बगैर होटल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे 14 कमरे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील कर दिए हैं। अब औपचारिकता पूरी कर एनओसी लेने के बाद ही ये कमरे खुल सकेंगे। गौरतलब है कि होटल निर्माण के लिए विभिन्न विभागों की अनुमति लेना जरूरी है। नगर नियोजन विभाग की अनुमति के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति भी जरूरी है। लेकिन, मनाली में चल रहे एक होटल संचालक ने एक भवन के 14 कमरों की अनुमति नही ली थी।
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कमरे बिना अनुमति के होटल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे। लिहाजा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को कार्रवाई कड़ते हुए 14 कमरों को सील कर दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुनील शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हालांकि होटल की सभी विभागों से एनओसी ली है। लेकिन, 14 कमरों की अनुमति नहीं ली गई। यह बिना अनुमति के ही चल रहे थे। बोर्ड ने इन कमरों को सील कर दिया है।
सरकारी भूमि से हटाया अवैध कब्जा
उधर, मनाली में ही राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जा भी हटाया है। एक होटल ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया था। तहसीलदार ने कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद संयुक्त टीम ने सोमवार को कब्जे हटाया। नायब तहसीलदार राम चंद नेगी ने इसकी पुष्टि है। उनके अनुसार सरकारी भूमि में बनी सीढ़ी व टैंक को हटाया गया।