केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ स्कैंडल प्वाइंट पर वीरवार को जिलाभर से आए किसानों ने गिरफ्तारियां दीं। धारा 144 को तोड़ते हुए कालीबाड़ी, मालरोड़ और रिज मैदान से अलग-अलग टुकड़ियों में नारेबाजी करते हुए स्कैंडल प्वाइंट पर इकट्ठे हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कसुम्पटी, ठियोग, मतियाना से आए किसान प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज किया है, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बसों में भरकर शहर से बाहर खदेड़ा।
किसानसभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर और जिला अध्यक्ष संजय चौहान ने इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए मोदी सरकार को किसान विरोधी करार दिया। अपने संबोधन में दोनों नेताओं ने कहा कि पिछले आम चुनावों से पहले अपने चुनावी दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश ही नहीं देश भर के किसानों से स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और किसानों को कृषि ऋण माफी का वायदा करके वोट लिए थे लेकिन 4 साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी वायदा पूरा नहीं किया।
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू न कर पाने की केंद्र सरकार की असमर्थता का हलफ नामा सर्वोच्च न्यायालय में दायर किया है। मोदी सरकार बड़े पूंजीपतियों के लाखाें करोड़ रुपये के ऋण माफ कर रही है और किसान चंद हजार रुपयों के कर्ज के लिए भी आत्महत्या करने को मजबूर हैं। प्रदेश सरकार ने लाखों की संख्या में फलदार सेब के पौधे काट कर किसान बागवान विरोधी नीति अपनाई है। छोटे किसान को टारगेट किया जा रहा है।
भाजपा ने 2002 में किसानों को 20 बीघा तक भूमि नियमित करने का वायदा किया था और आज सत्ता में आने के बाद छोटे किसानों तक बर्बाद करने पर तुली है। बताया कि पूरे देश से 10 करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा जिसके लिए गांवों में अभियान शुरू कर दिया गया है। किसानों के इस आंदोलन को मजदूर संगठन सीटू और छात्र, नौजवान, महिला संगठनों का भी समर्थन मिला।