मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल के नेतृत्व में उनसे मिलने आए प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। प्रतिनिधिमंडल प्रदेश विवि के कुलपति पद पर डॉ. सिकंदर की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करने आया था। मुख्यमंत्री ने डॉ. सिकंदर को बधाई दी और कहा कि वे राज्य के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान को नई दिशा देंगे। सालों से खाली पड़े कुलपति के पद पर उनकी तैनाती से संस्थान को कई उम्मीदें हैं।
कहा कि वे इस पद पर अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। डॉ. सिकंदर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के राज्य अध्यक्ष रह चुके हैं। डॉ. सिकंदर की नियुक्ति अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों के लिए सम्मान का क्षण है, जो अपनी योग्यता और क्षमता के बल पर इस प्रतिष्ठित पद के लिए चयनित हुए हैं। सीएम ने कहा कि सरकार की डॉ. सिकंदर की नियुक्ति में कोई भूमिका नहीं है। उनकी नियुक्ति योग्यता के आधार पर एक लंबी प्रक्रिया के बाद मेरिट आधार पर की गई है।
इस दौरान विधायक किशोरी लाल, सुरेश कश्यप, नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट, उपमहापौर राकेश शर्मा, भाजपा के संगठन सचिव पवन राणा, राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष गणेश दत्त, महामंत्री राम सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नितिन और देशबंधु, प्रदेश प्रवक्ता अजय चौहान, जगजीत बग्गा, प्रदीप कश्यप, राजेश कश्यप और सभी जिलों के मोर्चों के पदाधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल आचार्य देवव्रत से वीरवार को प्रदेश विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति डॉ. सिकंदर कुमार ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।