चित्रकार बनने की इच्छा में परिजनों की न से नाखुश दसवीं के एक विद्यार्थी ने एक्लव्य स्कूल के हॉस्टल के बाथरूम की खिड़की की ग्रिल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र रमन कुमार (17) पुत्र मानसिंह निवासी परमार भटौरी पंचायत कुमार तहसील पांगी जिला चंबा का रहने वाला था। वह पांगी के मुख्यालय किलाड़ स्थित एकलव्य स्कूल में पढ़ता था और स्कूल के हॉस्टल में रहता था।
जेब से मिला सुसाइड नोट
छात्र को चित्रकारी का शौक था, लेकिन परिवार वाले उसे चित्रकारी न कर पढ़ाई करने के लिए कहते थे। इसी से तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट पुलिस को बरामद हुआ है। इसमें उसने अपनी इच्छा के लिए परिजनों के नाखुश होने पर यह कदम उठाने और इसके लिए किसी अन्य को दोषी नहीं ठहराने की बात लिखी है। इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन को तब मिली जब छात्र बुधवार सुबह सैर और व्यायाम करने किलाड़ हेलीपैड नहीं पहुंचा। इसके बाद पीटीआई और हॉस्टल वार्डन ने छात्र की तलाश शुरू की। उन्होंने हॉस्टल में जाकर देखा तो वे सन्न रह गए। हॉस्टल के बाथरूम में छात्र फंदे पर लटका था।
'रमन पढ़ाई के साथ-साथ चित्रकारी में भी था होनहार'
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल किलाड़ पहुंचाया। जहां पर परिजनों और पुलिस की देखरेख में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा। सिविल अस्पताल किलाड़ में तैनात सर्जन डॉ. विशाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान लिए सैंपल फोरेंसिक लैब धर्मशाला भेजे जाएंगे, जिससे मौत के मुख्य कारणों का पता चल सकेगा। वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य देसराज ने बताया कि रमन पढ़ाई के साथ-साथ चित्रकारी में भी होनहार था। स्कूल की दीवारों पर उसने सुंदर चित्र बनाए थे। पूरा स्कूल स्टाफ और विद्यार्थी रमन की मौत से गम में हैं।
'सुसाइड नोट में लिखा किसी को न दें दोष'
हॉस्टल वार्डन और अन्य विद्यार्थियों से पूछताछ की गई। सुसाइड नोट मिला, जिसमें छात्र ने चित्रकला का शोक होने और परिजनों के मना करने का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में उसने शिक्षकों और परिजनों को दोष न देने का भी हवाला दिया है-
अभिषेक यादव, पुलिस अधीक्षक, चंबा