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मिलिए स्मृति मंधाना से, जिन्होंने रचा टेस्ट मैच में इतिहास, जानिए कैसे हुई क्रिकेट में एंट्री

Sat, 02 Oct 2021 01:31 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्मृति मंधाना - फोटो : Instagram/smriti_mandhana
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला क्रिकेट का टेस्ट मैच जारी है। इस बीच एक नाम बेहद चर्चा में है, वो है स्मृति मंधाना का। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया। इसी के साथ स्मृति मंधाना पिंक बाॅल टेस्ट मैच में शतक लगाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। मंधाना की इस सफलता के बाद उन्हें देश के दिग्गज खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। चलिए जानते हैं कि स्मृति मंधाना कौन हैं? स्मृति मंधाना का बचपन, परिवार और शिक्षा और उनका क्रिकेट में अब तक सफर कैसा रहा।

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कौन हैं स्मृति मंधावा?

स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्लेयर हैं। स्मृति मंधावा को मुख्य रूप से बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के लिए जाना जाता है। स्मृति मंधावा ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2017 में दो शतक लगाए थे। अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से विश्वकप में मंधाना देश का नाम रोशन किया था।

अब बात करते हैं स्मृति मंधाना के जन्म, परिवार और शिक्षा की। स्मृति मंधाना जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ था। स्मृति के पिता का नाम श्रीनिवास है और उनकी माता का नाम स्मिता है। स्मृति मंधाना का एक भाई है, जिनका नाम श्रवण मंधाना है। स्मृति जब दो साल की थीं तो उनका परिवार माधवनगर (सांगली) में शिफ्ट हो गया था।
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स्मृति मंधाना की शिक्षा

स्मृति मंधाना ने अपने शुरूआती पढ़ाई माधवनगर से ही पूरी की। स्मृति पढ़ाई में अच्छी थीं लेकिन बचपन से ही उन्हें स्पोर्ट्स में रूचि थी। उनकी इसी रूचि ने स्मृति मंधाना को क्रिकेट की राह दिखाई।

कैसे हुई क्रिकेट में एंट्री?

स्मृति ने बचपन में अपने भाई को क्रिकेट खेलते देखा था। उन दिनों स्मृति के भाई श्रवण महाराष्ट्र के लिए अंडर 15 टीम में खेलते थे। क्रिकेट में भाई की लगन और उनकी बनती पहचान को देख स्मृति मंधाना भी क्रिकेट की ओर आकर्षित हुईं। उन्होंने क्रिकेट में ही करियर बनाने की ठान ली। इसके बाद स्मृति ने अपने परिवार को इस बारे में जानकारी दी। भाई क्रिकेट में पहले से था तो स्मृति को भी दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने स्मृति का मनोबल बढ़ाया और इस करियर के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके बाद 11 साल की उम्र में स्मृति का अंडर 19 टीम में सिलेक्शन हो गया।  

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स्मृति मंधाना - फोटो : Instagram/smriti_mandhana
मंधाना के मैच 

उसके बाद साल 2013 में स्मृति मंधाना घरेलू मैच में अपने शानदार प्रदर्शन की वजह से चर्चा में आईं। उस दौरान स्मृति ने गुजरात के खिलाफ 150 गेंदों पर 224 रन बनाए थे। इस मैच के बाद स्मृति एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। स्मृति की ये उपलब्धि काफी बड़ी थीं लेकिन साल 2016 में स्मृति मंधाना ने इंडिया रेड की तरफ से वुमन चैलेंजर ट्रॉफी के लिए जबर्दस्त खेला और तीन अर्धशतक बनाए। 

स्मृति मंधाना की अंतरराष्ट्रीय करियर

साल 2013 में ही स्मृति मंधाना की अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच से हुई थी। वहीं साल 2014 में मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। साल 2017 में मंधाना इंग्लैंड के खिलाफ फिर मैदान में उतरीं और 90 रन बनाएं। मंधाना की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल तक पहुंच गई थी।  
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