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जानिए फरखुंदा मुहताज के बारे में, जो अफगान लड़कियों के लिए बन गईं नई उम्मीद

Fri, 01 Oct 2021 12:24 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अफगानिस्तान फुटबाॅल टीम - फोटो : Twitter/my_afghanistann
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अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से सबसे ज्यादा संकट महिलाओं की आजादी पर हुआ। एक ओर तालिबानी महिलाओं को सरकार में जगह देने की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर महिला खिलाड़ियों पर संकट के बादल छाए हुए हैं। अफगानिस्तान की महिला खिलाड़ियों ने उम्मीद ही खो दी थी कि वह फिर कभी फुटबाल खेल पाएंगी। लेकिन अब उन्हें अपने सपने साकार होते दिख रहे हैं। अफगानिस्तान महिला जूनियर फुटबॉल टीम की लड़कियों के लिए उम्मीद की नई राह खोली है फरखुंदा मुहताज ने। देश की महिला खिलाड़ियों ने अपने सपने को पूरा करने के लिए देश छोड़ना ही मुनासिब समझा। उन्हें अफगानिस्तान से रेस्क्यू कराने का काम किया अफगानिस्तान की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान फरखुंदा मुहताज ने। आखिर जूनियर महिला खिलाड़ियों को अफगानिस्तान से निकालने वाली फरखुंदा मुहताज कौन हैं? आइए जानते हैं फरखुंदा मुहताज के बारे में और अफगानी महिला जूनियर फुटबॉल टीम के बारे में। 

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अफगानिस्तान की जुनियर फुटबॉल खिलाड़ी पहुंची पुर्तगाल

दरअसल, हाल ही में अफगानिस्तान से जूनियर महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी पुर्तगाल पहुंच गईं। उन्हें अफगानिस्तान से निकालकर पुर्तगाल तक लाने का जिम्मा फरखुंदा मुहताज ने उठाया था। फरखुंदा मुहताज नेशनल फुटबॉल टीम की कप्तान हैं। तालिबान के कब्जे के बाद ही मुहताज को अफगानिस्तान के आगामी हालातों का अंदाजा हो गया था। जिसके बाद से ही फरखुंदा मुहताज देश के जूनियर खिलाड़ियों के संपर्क में थीं और उन्हें अफगानिस्तान से रेस्क्यू कराने की कवायद में जुट गई थीं।

फरखुंदा मुहताज ने महिला खिलाड़ियों को कराया अफगानिस्तान से रेस्क्यू

19 सितंबर को महिला खिलाड़ियों को नई जिंदगी तब मिली, जब वह अफगानिस्तान से पुर्तगाल पहुंच गईं। पुर्तगाल ने इन सभी लड़कियों को आश्रय देने का फैसला किया है।अब पुर्तगाल में रहकर ही महिला खिलाड़ी फुटबॉल सीखेंगी और अपना सपना साकार करेंगी। 
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इस बारें में जूनियर फुटबॉल टीम की 15 साल की खिलाड़ी सारा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह बनना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह आजाद हैं और अपनी मां व बाकि साथी खिलाड़ियों के साथ यहां घूम रही हैं। हालांकि अपने वतन वापस जाने के सवाल पर सारा ने कहा कि अगर उन्हें अपने देश में आजादी मिलती है तो वह जरूर अफगानिस्तान वापस लौटना चाहेंगी। वहीं सारा की मां का कहना है कि अफगानिस्तान में उन्हें आजादी मिलने की संभावना कम है। इसलिए घर वापस लौट पाना मुश्किल है। 

कौन है फरखुंदा मुहताज?

फरखुंदा अफगानिस्तान की नेशनल महिला फुटबॉल टीम की कप्तान रह चुकी हैं। फिलहाल कनाडा में रहती हैं और वहां की एक यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट फुटबॉल कोच हैं। फरखुंदा का अफगानी लड़कियों को देश से बाहर निकालने को लेकर कहना था कि इसके पीछे उनका उद्देश्य लड़कियों को खेल से दूर होने से बचाना था। 

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