उन्होंने कहा कि छल-कपट से कभी भी राम राज्य की स्थापना नहीं हो सकती है। 22 जनवरी को सनातनियों को दिवाली मनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत रघुवर का देश है, भारत की पहचान हमारे रघुवर से होनी चाहिए। पीठाधीश्वर ने कहा कि कथा का मतलब सिर्फ जय श्रीराम का नारा नहीं है, बल्कि दिल को अयोध्या मान लो और मन को तब हर तरफ राम राज्य होगा।
कथा शुभारंभ से पहले आयोजक मंडल राहुल तिवारी, संजय सोनी, बल्ला तिवारी, अजय सोनी ने व्यासपीठ की आरती उतारी। कथा स्थल पर मुख्य रूप से सांसद कमलेश पासवान, विधायक राजेश त्रिपाठी, पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी, ब्लॉक प्रमुख राम आशीष राय, चेयरमैन प्रीति उमर, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, भाजपा नेता सृंजय मिश्रा, किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी, आलोक निगम, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें: इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, कानपुर से मिलने आई गोरखपुर; किशोरी से जंगल में दुष्कर्म
दूसरे जिले से भी पहुंचे अनुयायी
बागेश्वर बाबा अर्थात धीरेंद्र शास्त्री की राम कथा सुनने गोरखपुर सहित संतकबीरनगर, बस्ती, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, अयोध्या, बिहार, झारखंड, नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। पहले दिन की कथा समाप्त होने के बाद भी श्रद्धालुओं का आना जारी रहा।
कथा स्थल पर उमड़ा जन सैलाब
कथा की शुरुआत करते हुए बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, ऐसा लग रहा है, जैसे महाकुंभ यहीं चल रहा है। साधू जी...सीताराम। अंततोगत्वा हम आ ही गए। भीड़ ज्यादा देखकर बोले सब लोग बैठ जाइए। बैरिकेडिंग टूट जाएगी। ऐसा हुआ तो मीडिया ब्रेकिंग न्यूज बना देगा। इसलिए बैठ जाइए।
इसे भी पढ़ें: पुरुवा ने ही छुड़वा दी लोगों की कंपकंपी, पछुआ और सताएगी
भीड़ संभालने में पुलिस के छूटे पसीने
कथा में उमड़े श्रद्धालुओं को संभालने में पुलिस को एड़ी चोटी एक करनी पड़ी। उपनगर के जाईपार में विश्राम स्थल पर पहुंचे कथा वाचक धीरेंद्र शास्त्री को कथा स्थल तक लाने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस प्रशासन को पीएसी तैनात करनी पड़ी।