वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर नाथद्धारा में सोमवार को उद्योग जगत की हस्ती रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने संध्याकाल आरती के दर्शन किए। मुकेश अंबानी मुंबई से अपने चार्टर्ड विमान से सीधे उदयपुर के डबोक महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से सीधे श्रीनाथजी मंदिर पहुंचे, उनके साथ उनके छोटे बेटे अनंत अंबानी की होने वाली पत्नी राधिका मर्चेंट भी साथ थीं।
मुकेश अंबानी और राधिका मर्चेंट ने शाम 5.32 से 6.10 बजे तक होने वाली झांकी के दर्शन किए। दर्शन के बाद मंदिर परंपरा के मुताबिक श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत के बेटे विशाल बावा ने उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया। पान-बीड़ा प्रसाद भेंट किया। अंबानी ने बावा से फाइव जी इंटरनेट सेवा की लॉन्चिंग को लेकर अनौपचारिक बातचीत की।
चर्चा के दौरान अंबानी ने देश में 5G इंटरनेट सेवा का शुभारंभ श्रीनाथजी के दरबार से करने की इच्छा जाहिर की। हालांकि, इस बात की आधिकारिक तौर पर किसी तरह की घोषणा नहीं हुई है।
मंदिर तिलकायत से विदा लेकर अंबानी और उनकी होने वाली बहू राधिका कुछ देर धीरज धाम रुके। इसके बाद शाम 6.45 बजे अंबानी का काफिला धीरज धाम से उदयपुर के लिए रवाना हो गया। अंबानी परिवार की श्रीनाथजी में आस्था रही है। इससे पूर्व अंबानी निजी चार्टर से डबोक (उदयपुर) एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां से सड़क मार्ग से नाथद्वारा पहुंचे। शाम 5.17 बजे मोती महल के गेट नंबर 3 से उन्होंने मंदिर परिसर में प्रवेश किया।
मुकेश अंबानी को भोग आरती में शामिल होना था। भोग आरती दर्शन शाम 4.45 बजे 10 मिनट के लिए खुले। अंबानी समय से पहुंच नहीं पाए। शाम 5.17 बजे उनका काफिला मोती महल की ओर से मंदिर में दाखिल हुआ। 5.32 बजे आरती के लिए फिर भगवान श्रीनाथजी के दर्शन खुले। मुकेश अंबानी ने आरती दर्शन किए। अंबानी का काफिला जब मंदिर की ओर बढ़ा तो नाथद्वारा चौपाटी पर लोगों की भीड़ उनकी एक झलक के लिए उत्साहित नजर आई।
उद्योगपति अंबानी की यात्रा के मद्देनजर नाथद्वारा में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। धीरज धाम के बाहर आमतौर पर वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। सोमवार को यहां की स्थिति बदली हुई थी। किसी को गाड़ी पार्क करने की इजाजत नहीं दी गई थी। धीरज धाम पर सुरक्षा की दृष्टि से एक डिप्टी व एक सीआई सहित 30 से अधिक पुलिस के जवान तैनात किए गए।
वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर से अंबानी परिवार की अटूट आस्था है। उद्योगपति मुकेश अंबानी कोई भी बड़ा फैसला करने या शुभ कार्य से पहले राजस्थान के इस मंदिर में मत्था जरूर टेकते हैं। पांच साल पहले 14 मई को किसी को बताए बिना ही मुकेश अंबानी यहां दर्शन करने पहुंच गए थे। मुकेश अंबानी की मां कोकिलाबेन इस मंदिर की वाइस प्रेसिडेंट हैं। मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी की भी श्रीनाथजी में गहरी आस्था थी। अंबानी परिवार यहां आता रहा है।