जिले में एक बार फिर से खाकी वर्दी की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। टोंक की सदर थाना पुलिस के अधिकारियों पर शिकायत में कार्रवाई नहीं किए जाने के गंभीर आरोपों के साथ ही पुलिस की अनदेखी को उसकी मौत का जवाबदार बताया गया है।
दरअसल जिले के सदर पुलिस थाना इलाके के शिवपुर निवासी प्रेमलाल गुर्जर ने आज टोंक पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर बताया कि 29 सितंबर को उसके बड़े भाई बाबूलाल गुर्जर के खेत पर गांव के निवासी कैलाश, मनराज, प्रवीणा, रामघणी, जगदीशी आदि लोगों और महिलाओं ने लाठियों, सरिये, कुल्हाड़ी और हॉकी से जानलेवा हमला कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे बाबूलाल गंभीर घायल हो गया। घायल बाबूलाल को जयपुर के ट्रॉमा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने के कारण निजी अस्पताल में उसका इलाज करवाने की कोशिश की लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके बाद अब परिजनों ने सदर पुलिस थाने के अधिकारियों पर मामले में कार्रवाई नहीं करने के आरोप के साथ ही आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाकर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान से सख्त कार्रवाई की मांग की है।