कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और टोंक विधायक सचिन पायलट के गढ़ में अब कांग्रेस की अंतरकलह खुलकर सड़क पर आ गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा के विरोध में अब कांग्रेसी पार्षदों के साथ वरिष्ठ मुस्लिम कांग्रेसी नेताओं ने खुलकर बगावत शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेसी पार्षदों के साथ मुस्लिम समाज के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने सचिन पायलट से मुस्लिम जिलाध्यक्ष देने की मांग करते हुए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
प्रदेश में 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिनमें एक सीट टोंक जिले की देवली-उनियारा भी है, जहां उपचुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस पूरी तरह से जुटी हुई हैं। कांग्रेस जहां अपने गढ़ को बचाने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है तो वहीं भाजपा ने भी जिलाध्यक्ष से लेकर विधायक, मंत्रियों को तारीखों की घोषणा से पहले ही मैदान में उतार दिया है लेकिन कांग्रेस को टोंक जिले की कार्यकारिणी घोषित करने का दांव उलटा पड़ गया है और मुस्लिम समाज सचिन पायलट और कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा के विरोध में उतर गया है।
गौरतलब है कि कल ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से टोंक जिले की कार्यकारिणी का ऐलान हुआ है। अब मुस्लिम समाज ने वरिष्ठ मुस्लिम कांग्रेसियों की अनदेखी का आरोप लगाकर मोर्चा खोल दिया है। टोंक में आज मुस्लिम पार्षदों के साथ विभिन्न संगठनों के पूर्व पदाधिकारी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने पार्षद अशरफ गुज के घर पर बैठक की। इस दौरान कांग्रेस अल्पसंख्यक टोंक के जिलाध्यक्ष और पार्षद युसूफ इंजीनियर ने सचिन पायलट पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हमने पायलट साहब को विधानसभा में मुस्लिमों के हक की आवाज उठाने के लिए भेजा था लेकिन पायलट साहब ने हमारी कोई आवाज अब तक नहीं उठाई है और कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी में भी वरिष्ठ मुस्लिम कांग्रेसियों की अनदेखी की गई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा नेता युनूस खान की दावतें उड़ाने वालों को पदाधिकारी बना दिया गया, जमीनें खाने वालों को महासचिव बना दिया गया है। युसूफ इंजीनियर ने पायलट को चेतावनी देते हुए कहा कि अब हमें मुस्लिम जिलाध्यक्ष चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हम पायलट से मिलेंगे और हमारी मांगें नहीं मानीं तो हम भी धरना, अनशन पर बैठेंगे।