अमरनाथ में बादल फटने से पति-पत्नी समेत श्रीगंगानगर के तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि हाड़ौती के 18 लोग वहां फंसे हुए हैं। मृतकों में रिटायर्ड सीआई सुशील खत्री, मोहनलाल वधवा और उनकी पत्नी सुनीता वधवा पानी के सैलाब में बह गए। दंपति सुशील खत्री के समधि और समधन थे। नौ दिन पहले ही रिटायर्ड हुए खत्री ने दूसरे को बचाने में अपनी जान गंवा दी।
अमरनाथ हादसे पर दुख जताते हुए सीएम गहलोत ने कहा, प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस आपदा में जान गंवाने वाले राजस्थानी श्रद्धालुओं के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5-5 लाख रुपये सहायता राशि दी जाएगी। ईश्वर शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दे।
जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर के रिटायर्ड सीआई सुशील खत्री (61) बीकानेर के रहने वाले थे। उनकी श्रीगंगानगर में पोस्टिंग थी। बीती 30 जून को ही रिटायर हुए थे। अमरनाथ यात्रियों का जत्था तीन जुलाई को श्रीगंगानगर से रवाना हुआ था। इसी जत्थे के साथ सुशील और उनका परिवार अमरनाथ की यात्रा पर निकला था। अमरनाथ में गुफा पर पहुंचने के बाद जत्थे में शामिल यात्रियों ने लंगर में विश्राम किया।
उसी दिन शाम को जनसैलाब आया और टेंट बहने लगा। इस दौरान टेंट में सुशील खत्री, उनकी समधन सुनीता और सुनीता के पति मोहनलाल वधवा सहित श्रीगंगानगर के कई लोग मौजूद मौके पर मौजूद थे। रिटायर्ड सीआई खत्री ने अंतिम समय तक अपना फर्ज निभाया। उन्होंने सैलाब में बहते लोगों को बचाया। इसी दौरान वह खुद भी बह गए। हादसे में उनकी रिश्तेदार सुनीता और उनके पति मोहनलाल की भी जान चली गई।
कोटा और बूंदी के लोगों से नहीं हो पा रहा परिवार का संपर्क
कोटा पुलिस के अनुसार श्रीपुरा निवासी मुकेश शर्मा, श्री राम मंदिर केशवपुरा निवासी रिटायर नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी, बूंदी के राजू मीणा और राजेंद्र गुर्जर भी अमरनाथ यात्रा पर थे। उनके परिजन को उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिले के कनवास के सुरेश गुर्जर, केशवपुरा सेक्टर 7 के कमलेश टेलर पत्नी आशा टेलर, बारां के शाहबाद निवासी ओमप्रकाश कश्यप, रामगंजमंडी तहसील के उंडवा गांव निवासी बालाराम, नंदलाल, कैलाश बाई और सोवन बाई भी अमरनाथ यात्रा पर गए थे, लेकिन परिवार वालों की उनसे बात नहीं हो पा रही है।