सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने पीड़ित परिजनों से की बात।
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नागौर के डीडवाना में गैंगरेप के बाद हुई महिला की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृत पीड़िता के परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। मांगों को लेकर परिजन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने 50 लाख रुपए का मुआवजा, एक सरकारी नौकरी और पुलिस के खिलाफ जांच कराने की मांग की है।
इधर, राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी धरने पर बैठे परिजनों से मिलने पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मामले में छह दिन तक एफआईआर नहीं लिखी गई, यह पुलिस की बड़ी लापरवाही है। इसकी जांच होनी ही चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी के एक नेता के कहने पर दो गिरफ्तार अभियुक्त को क्यों छोड़ा गया इसकी जांच भी की जाए। उन्होंने महिला के शव का दोबारा पीएम कराने और उसकी वीडियो बनाने की मांग की है।
जांच के लिए भाजपा ने बनाई समिति
भाजपा ने मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई है। इसमें हरिराम रणवां, प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा सीकर, अभिनेष महर्षि विधायक रतनगढ़ और गोवर्धन वर्मा पूर्व विधायक सीकर को समिति में शामिल किया है। समिति पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रदेश हाईकमान को देगी।
क्या है मामला
नागौर के डीडवाना उपखंड के गांव पालोट में एक विवाहिता लापता हो गई थी। परिवार वालों ने दो लोगों पर शक जताते हुए थाने में केस दर्ज कराया था। परिजन महिला की तलाश के लिए रोज थाने आकर गुहार लगाते रहे, लेकिन सीआई नरेंद्र जाखड़ छुट्टी पर चले गए थे। एक मामले की जानकारी लेने एसपी राममूर्ति जोशी डीडवाना थाना पहुंचे तो महिला के परिजनों ने उन्हें मामला की जानकारी दी थी। संदिग्धों को पकड़ कर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि गैंगरेप के बाद महिला को गांव के बाहर एक खाई में फेंक दिया था। पुलिस को महिला खाई में बेहोशी की हालत में मिली थी। छह दिन खाई में पड़े रहने के कारण उसके जख्मों में कारण कीड़े पड़ गए थे। गंभीर हालत में उसे सवाई मानसिंह अस्तपाल में भर्ती कराया गया। यहां सात दिन चले इलाज के बाद गुरुवार देर शाम उसकी मौत हो गई थी।